दुर्ग: छत्तीसगढ़ की स्टील सिटी दुर्ग भिलाई के एक 9 महीने के बच्चे के अपहरण की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है. इस केस में पुलिस ने पटना बिहार से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया. इसके अलावा एक महिला आरोपी को कोंडागांव से अरेस्ट किया गया है. सभी आरोपियों को शुक्रवार को बिहार से पुलिस दुर्ग लेकर पहुंची. उसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया. अदालत ने सभी चारों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है.
दुर्ग पुलिस ने अपहरण केस की पूरी जानकारी बताई: दुर्ग पुलिस प्रवक्ता पद्मश्री तंवर ने इस केस के बारे में पूरी जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि इस मासूम बच्चे की मां को उसके रिश्तेदार संतोष पाल और संगिनी बाई 20 जून को बहला फुसलाकर कोंडागांव ले गए. उसके बाद कोंडागांव से उसे पटना बिहार के जगनपुरा लेकर गए. जब महिला पटना पहुंची तो उसने वहां रहने से इंकार कर दिया. उसने आरोपियों से उसे छत्तीसगढ़ के दुर्ग वापस छोड़ने की मांग की.
- 8 जुलाई 2025 को मासूम बच्चे का हुआ अपहरण: दुर्ग पुलिस की प्रवक्ता पद्मश्री ने बताया कि महिला और उसके बच्चे को आरोपी 8 जुलाई 2025 को छत्तीसगढ़ ले जाने के लिए निकले. आरोपियों ने पीड़ित महिला और उसके बच्चे के साथ आरा से ट्रेन पकड़ी. उसके बाद वे पटना के दानापुर जब पहुंचे तो उन्होंने बच्चे को आखिरी बार गोद लेने की गुजारिश की. जिस पर महिला राजी हो गई. इसके बाद आरोपी बच्चे को लेकर ट्रेन से उतर गए और ट्रेन रवाना हो गई. इस तरह आरोपियों ने 9 महीने के बच्चे का अपहरण कर लिया.
- महिला ने 25 जुलाई को केस दर्ज कराया: इस घटना से बदहवास महिला किसी तरह ट्रेन से दुर्ग पहुंची. उसने अपनी सारी आपबीती परिवार वालों को बताया. पूरी घटना को समझने के बाद पीड़िता और उसके परिवार वालों ने 25 जुलाई 2025 को भिलाई के सेक्टर 6 महिला थाने में केस दर्ज कराया. जिसके बाद दुर्ग पुलिस इस केस की जांच में जुट गई.
- मोबाइल लोकेशन से गिरफ्त में आए आरोपी: उसके बाद दुर्ग पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने के लिए मोबाइल सर्विलांस का सहारा लिया. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक IUCAW (Investigative Units on Crimes Against Women) के मार्गदर्शन में महिला थाना प्रभारी ने दो टीम गठित कीं. टीम तीन दिन पहले मंगलवार 12 अगस्त को पटना के लिए रवाना हुई. बुधवार 13 अगस्त को आरोपियों की गिरफ्तारी हुई. 15 अगस्त को पुलिस आरोपियों को लेकर पटना से दुर्ग पहुंची.
- पहली टीम ने कोरगांव, कोण्डागांव से मुख्य महिला आरोपी संगनी बाई को गिरफ्तार किया. दूसरी टीम को पटना, बिहार भेजा गया.पटना में सघन खोजबीन के बाद आरा से मुख्य आरोपी संतोष पाल को गिरफ्तार किया गया. इसके बाद आरोपी प्रदीप कुमार, झोलाछाप डॉक्टर बादल और गौरी महतो को भी पुलिस ने अरेस्ट किया- पद्मश्री तंवर, प्रवक्ता, दुर्ग पुलिस
- जांच में बच्चे को बेचने की बात आई सामने: दुर्ग पुलिस की जांच में 9 महीने के मासूम बच्चे को बेचने की बात का भी खुलासा हुआ है.दुर्ग पुलिस की प्रवक्ता पद्मश्री तंवर ने बताया कि मुख्य आरोपी संतोष पाल ने मासूम बच्चे को 7 लाख रुपए में गौरी महतो को बेच दिया था. इसमें से 4 लाख रुपए उसने खुद रखे और 3 लाख रुपए प्रदीप एवं बादल को दे दिए.
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने अपहृत बच्चे को भी सुरक्षित बरामद कर मां के सुपुर्द किया. यह गिरोह बच्चों का अपहरण कर उन्हें भीख मंगवाने जैसे अवैध कार्यों में इस्तेमाल करता था. पुलिस की तत्परता, तकनीकी सहायता और टीमवर्क के चलते बच्चे को समय रहते बचा लिया गया-पद्मश्री तंवर, प्रवक्ता, दुर्ग पुलिस
पुलिस की सही समय पर जांच आई काम: इस केस में पुलिस ने सही समय पर जांच कर बड़ी अनहोनी होने से बचा लिया. अगर पुलिस ऐसा नहीं करती तो आरोपी बच्चे को भिक्षावृत्ति गिरोह को बेच देते.


