श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर वर्ष भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है. इस वर्ष यह शुभ अवसर 16 अगस्त 2025 को पड़ेगा. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दिन कई दुर्लभ और शुभ योग एक साथ बन रहे हैं, जो कुछ राशियों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं.
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित अजय शास्त्री बताते हैं कि 16 अगस्त की रात 2 बजे तक कर्क राशि में बुधादित्य योग रहेगा, जिससे बुद्धि और वाणी में सकारात्मक प्रभाव आएगा. सुबह 11 बजकर 43 मिनट पर चंद्र देव अपनी उच्च राशि वृषभ में प्रवेश करेंगे, जिससे मानसिक शांति और स्थिरता बढ़ेगी. सूर्य देव भी रात 2 बजे अपनी स्वराशि सिंह में प्रवेश करेंगे, जो साहस और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाएगा. इसके अलावा सुबह 7 बजकर 21 मिनट तक वृद्धि योग और उसके बाद ध्रुव योग का संयोग बनने से स्थायी लाभ और सफलता के अवसर बढ़ेंगे.
पंडित शास्त्री के अनुसार, इन शुभ संयोगों से कन्या, धनु और कुंभ राशि वालों को विशेष लाभ प्राप्त होगा.
कन्या राशि (Virgo): बड़ी सफलता के संकेत
कन्या राशि वालों के लिए यह जन्माष्टमी बेहद खास साबित होगी. पंडित शास्त्री कहते हैं कि भगवान कृष्ण की विशेष कृपा से आपके जीवन में अप्रत्याशित बदलाव आएंगे. इस दिन व्यवसाय में बड़ा मुनाफा हो सकता है और करियर में भी नए अवसर मिलेंगे. प्रेम जीवन में मधुरता बढ़ेगी और दांपत्य जीवन में खुशहाली आएगी. अचानक से धन लाभ और रुके हुए काम पूरे होने के योग बन रहे हैं.
धनु राशि (Sagittarius): करियर में नई ऊंचाइयां
धनु राशि वालों के लिए यह समय करियर और वित्तीय दृष्टि से बेहद अनुकूल रहेगा. लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होंगे और कार्यस्थल पर आपकी प्रशंसा होगी. पंडित शास्त्री के अनुसार, पुराने निवेश से लाभ मिलेगा और कोई नया व्यवसायिक अवसर मिल सकता है. समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा और धन-धान्य में वृद्धि होगी.
कुंभ राशि (Aquarius): प्रमोशन और सफलता के योग
कुंभ राशि वालों के लिए यह जन्माष्टमी नौकरी और व्यापार दोनों में सफलता का संकेत देती है. पंडित शास्त्री कहते हैं कि इस दिन आपको मनचाही नौकरी मिलने के योग हैं. कार्यक्षेत्र में प्रमोशन और व्यवसाय में बड़ी डील फाइनल होने की संभावना है. नए प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए भी यह समय बेहद शुभ है.पंडित अजय शास्त्री सलाह देते हैं कि इन राशियों के जातक जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण को माखन-मिश्री और तुलसी अर्पित करें, साथ ही “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें. इससे शुभ फल कई गुना बढ़ जाएगा.


