12 अगस्त को चंद्रमा के मीन राशि में प्रवेश करने से कुंभ राशि में शनि और चंद्रमा की युति बनकर ‘विष योग’ उत्पन्न होगा.
ज्योतिष के अनुसार ग्रहों की स्थिति हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव डालती है. वर्तमान में न्याय के देवता शनि मीन राशि में विराजमान हैं और 12 अगस्त को चंद्रमा भी मीन राशि में प्रवेश करेंगे. इस स्थिति से कुंभ राशि में शनि और चंद्रमा की युति बनेगी, जिसे ज्योतिष में ‘विष योग’ कहा जाता है. यह दुर्लभ योग कुछ राशियों के लिए खास सावधानी की जरूरत को दर्शाता है.
ज्योतिषाचार्य डॉ. रवि शर्मा के अनुसार, “विष योग एक ऐसा संयोग है जो सामान्यतः जीवन में कई तरह की चुनौतियां लेकर आता है. खासकर उन राशियों के लिए जिनपर इसका प्रभाव सीधे पड़ता है. इस समय धन हानि, मानसिक तनाव, सेहत की परेशानियां और पारिवारिक विवाद बढ़ सकते हैं.”
मेष राशि
डॉ. शर्मा बताते हैं, “मेष राशि के जातकों के लिए यह विष योग बारहवें भाव में बन रहा है, जो अनावश्यक खर्चों और आर्थिक अस्थिरता का संकेत देता है. भाग्य का साथ कम मिलेगा और पार्टनरशिप वाले व्यवसायों में नुकसान हो सकता है. कार्यस्थल पर भी सतर्कता बरतनी होगी क्योंकि झूठे आरोपों का खतरा हो सकता है. स्वास्थ्य की दृष्टि से सावधानी जरूरी है, खासकर साल के पहले हफ्ते में उधार देने से बचें.”
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए विष योग आठवें भाव में बन रहा है. डॉ. शर्मा कहते हैं, “यह समय स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और मानसिक तनाव के लिए संवेदनशील है. नौकरी में बाधाएं आ सकती हैं और कार्यस्थल का माहौल तनावपूर्ण रहेगा. इसलिए अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का खास ख्याल रखें.”
मीन राशि
मीन राशि पर विष योग का सीधा प्रभाव उनके लग्न भाव में पड़ रहा है. डॉ. शर्मा के अनुसार, “इस दौरान नौकरीपेशा लोगों को सीनियर या जूनियर से मतभेद हो सकते हैं, जिससे तनाव बढ़ेगा. वैवाहिक जीवन में बहस से बचना जरूरी है. स्वास्थ्य में भी समस्याएं आ सकती हैं, इसलिए समय-समय पर चिकित्सीय सलाह लें.”
डॉ. रवि शर्मा ने सभी प्रभावित राशियों के लोगों को सलाह दी है कि वे इस समय अत्यधिक सतर्कता और समझदारी से काम लें, वे कहते हैं महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर ही लें. “ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए नियमित पूजा, मंत्र जाप और योगा का सहारा लेना फायदेमंद रहेगा,”.


