NIA (नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी ) नें चतरा में उग्रवादी संगठन टीएसपीसी के तीन ठिकानों पर छापा मारा झारखण्ड न्यूज़ :चतरा में एनआईए ने सोमवार को उग्रवादी संगठन टीएसपीसी (Militant organization TSPC) से जुड़े एक केस में झारखंड के सिमरिया और लावालौंग में तीन ठिकानों पर दबिश (Raid Three locations) दी।इस दौरान कुछ लोगों के साथ छानबीन की गई। टीम ने कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड जब्त किए हैं। टीम द्वारा कुछ जरुरी कागजात भी साथ ले जाने की सूचना है।
कहा तो ये भी जा रहा है कि टीएसपीसी द्वारा लेवी वसूली और मनी लाउंड्रिंग से जुड़े मामले में यह कार्रवाई की गई है। मामला 2016 में टंडवा थाने में दर्ज केस से जुड़ा है। 2018 ने इसे एनआईए ने टेकओवर किया था। अब तक कुल 21 पर आरोप पत्र दायर हो चुका है।
बताया जाता है कि टीम ने सिमरिया के बारा गांव में पंकज साहू और लावालौंग के लमटा स्थित पेट्रोल पंप संचालक के अड्डों पर एक साथ दबिश दी। पंकज के घर छापेमारी के दौरान परिवार के सदस्यो को बाहर कर दिया गया। उसके बाद पंकज से पूछताछ शुरु की गई। जमीन के कागजात, बैंक खाते तथा अन्य कुछ दस्तावेजों की जांच की गई। कहा जा रहा है कि टीम अपने साथ कुछ कागजात और प्रिंटर ले गई है।
वहीं एक दूसरे मामले में लातेहार के मनिका थाना क्षेत्र के चौकिया गांव के पास सुकरी से पुलिस ने नक्सली चंद्रदेव सिंह कुई को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही दो एक-47, चार मैगजीन, 91 गोलियां आदि बरामद किए। चंद्रदेव 15 लाख के इनामी माओवादी रीजनल कमांडर छोटू खरवार की हत्या में शामिल रहा है। इसके अलावा उसके खिलाफ आधा दर्जन वारदातों में संलिप्तता का आरोप है।लातेहार एसपी कुमार गौरव ने सोमवार को बताया कि गिरफ्तार नक्सली चंद्रदेव मनिका में अपनी पहचान छुपाकर रह रहा था। वह क्षेत्र में रेकी भी कर रहा था, ताकि किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सके। पुलिस को सूचना मिली कि वह सुकरी में अपने रिश्तेदार के यहां मिलने गया है। इसके बाद बरवाडीह एसडीपीओ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने चिह्नित जगह पर छापेमारी कर नक्सली चंद्रदेव को दबोच लिया। एसपी ने बताया कि चंद्रदेव पर अपराध नियंत्रण अधिनियम और हथियार अधिनियम के तहत भी मामले दर्ज हैं।


