केंद्र सरकार ने बिहार से पश्चिम बंगाल तक एक नए छह लेन के ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंजूरी दी है. यह रक्सौल से हल्दिया पोर्ट तक जुड़ेगा. लगभग 54 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह एक्सप्रेसवे 2028 तक बनकर तैयार हो जायेगा.
बिहार के रक्सौल से पश्चिम बंगाल के हल्दिया पोर्ट तक छह लेन वाला एक आधुनिक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे तैयार किया जाएगा. इसकी लंबाई करीब 650 से 719 किलोमीटर के बीच होगी और निर्माण पर लगभग 54,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इस परियोजना को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इसके अलाइनमेंट को स्वीकृति दे दी है और जल्द ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
कहां-कहां से होकर गुजरेगी सड़क
यह एक्सप्रेसवे बिहार के पूर्वी चंपारण से शुरू होकर शिवहर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर और जमुई होते हुए झारखंड के देवघर, दुमका और जामताड़ा जिलों से गुजरते हुए पश्चिम बंगाल के हल्दिया पोर्ट तक पहुंचेगा. कुल मिलाकर यह मार्ग बिहार में लगभग 70 किलोमीटर तक फैला होगा.
बेहतर कनेक्टिविटी
यह एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे होगा जिससे बीच रास्ते में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी और यह दोनों ओर से सुरक्षित रहेगा. इस सड़क के निर्माण से बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच संपर्क बेहतर होगा. नेपाल, कोलकाता और पटना तक की यात्रा समय और दूरी में कटौती के साथ आसान हो जाएगी. रक्सौल से हल्दिया की यात्रा महज 13 घंटे में पूरी की जा सकेगी.
व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
हल्दिया पोर्ट नेपाल के व्यापार का एक अहम केंद्र है, लेकिन अब तक वहां तक कोई नेशनल हाईवे नहीं था. इस एक्सप्रेसवे के बनने से व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. इसके साथ ही एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक विकास की संभावना बढ़ेगी और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे.
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे को भी मिली मंजूरी
सड़क परिवहन मंत्रालय ने गोरखपुर से सिलीगुड़ी तक बनने वाले 568 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के अलाइनमेंट को भी मंजूरी दे दी है. इसमें 84 किलोमीटर उत्तर प्रदेश और 417 किलोमीटर बिहार में शामिल होगा. यह सड़क गोरखपुर से देवरिया, कुशीनगर और बिहार के आठ जिलों से होकर गुजरेगी. इस एक्सप्रेसवे के बनने से यात्रियों का समय बचेगा.



