Ranchi News, 7 November 2026: झारखंड राज्य महिला आयोग पिछले छह वर्षों से अधिक समय से अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति का इंतजार कर रहा है। आयोग की तत्कालीन अध्यक्ष कल्याणी शरण और उनकी पांच सदस्यीय टीम का कार्यकाल 6 जून 2020 को समाप्त हो गया था। इसके बाद से नए अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति नहीं होने के कारण आयोग का कामकाज प्रभावित है। रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं से जुड़ी चार हजार से अधिक शिकायतें लंबित हैं और उन पर नियमित सुनवाई नहीं हो पा रही है।
महिला आयोग के अध्यक्ष पद की तलाश जारी: झामुमो
महिला आयोग के खाली पदों को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि गठबंधन सरकार आयोग के अध्यक्ष पद के लिए योग्य महिला उम्मीदवार की तलाश कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि त्योहारों के मौसम के बाद अध्यक्ष समेत सभी रिक्त पदों पर नियुक्ति कर दी जाएगी।
हालांकि, छह साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद नियुक्तियां नहीं होने को लेकर सरकार की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
महिला आयोग झामुमो के कोटे में, समाज कल्याण बोर्ड कांग्रेस को मिला था
महागठबंधन सरकार में बोर्ड, निगमों और आयोगों के बंटवारे के तहत झारखंड राज्य महिला आयोग झामुमो के हिस्से में आया था, जबकि समाज कल्याण बोर्ड कांग्रेस के कोटे में गया था।
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता राजेश ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने समाज कल्याण बोर्ड को समाप्त कर दिया है। वहीं, राज्य महिला आयोग झामुमो के कोटे में है। उन्होंने कहा कि आयोग के रिक्त पदों पर नियुक्ति क्यों नहीं हो रही है, इसका जवाब झामुमो के नेता ही दे सकते हैं।
महिला उत्पीड़न समेत चार हजार से अधिक शिकायतें लंबित
आयोग में घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, संपत्ति विवाद और महिलाओं से जुड़ी अन्य समस्याओं की शिकायतें आती रही हैं। लेकिन अध्यक्ष और सदस्यों के नहीं होने के कारण इन मामलों की सुनवाई प्रभावित हुई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2020 से नियुक्तियां नहीं होने के चलते चार हजार से अधिक मामले लंबित हैं। आयोग के नियमित रूप से सक्रिय नहीं रहने का असर शिकायतों के निपटारे पर पड़ रहा है।
ये रही हैं महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष
झारखंड राज्य महिला आयोग का गठन वर्ष 2005 में किया गया था। आयोग की स्थापना से अब तक चार महिलाएं अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं।
- लक्ष्मी सिंह: 18 सितंबर 2006 से 17 सितंबर 2009
- डॉ. हेमलता एस. मोहन: 7 सितंबर 2010 से 6 सितंबर 2013
- डॉ. महुआ माजी: 11 नवंबर 2013 से 10 नवंबर 2016
- कल्याणी शरण: 7 जून 2017 से 6 जून 2020
कल्याणी शरण और उनकी टीम का कार्यकाल समाप्त होने के बाद से आयोग में नई नियुक्तियां नहीं हुई हैं।
महिलाओं को न्याय दिलाने वाली संस्था के सक्रिय होने का इंतजार
झारखंड राज्य महिला आयोग का गठन महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, शिकायतों की सुनवाई और महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप के उद्देश्य से किया गया था। लेकिन लंबे समय से अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली रहने के कारण संस्था की कार्यप्रणाली प्रभावित है।
अब निगाहें सरकार के अगले कदम पर हैं। झामुमो प्रवक्ता ने त्योहारों के बाद नियुक्तियों की उम्मीद जताई है। यदि रिक्त पद भरे जाते हैं, तो आयोग में लंबित शिकायतों की सुनवाई दोबारा शुरू होने का रास्ता खुल सकता है।
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