Thursday, November 5, 2026

Youth Olympics 2026: ओडिशा की 15 वर्षीय तन्वी पत्री ने रचा इतिहास, फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला शटलर बनीं

Share

News, 5 November 2026: ओडिशा की 15 वर्षीय बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी पत्री ने यूथ ओलंपिक 2026 में इतिहास रच दिया है। वह प्रतियोगिता के महिला एकल वर्ग के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला शटलर बन गई हैं। गुरुवार को खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में तन्वी ने जापान की दूसरी वरीयता प्राप्त युजुनो वतनबे को कड़े संघर्ष में 21-14, 11-21, 21-19 से हराया। 54 मिनट तक चले मुकाबले में जीत दर्ज कर उन्होंने स्वर्ण पदक की उम्मीदें बरकरार रखी हैं।

फाइनल में विश्व जूनियर चैंपियन से होगा मुकाबला

खिताबी मुकाबले में तन्वी का सामना चीन की यी शिन झांग से होगा, जो मौजूदा विश्व जूनियर चैंपियन हैं। दोनों खिलाड़ियों के बीच अब तक एक मुकाबला हुआ है। इस साल एशिया जूनियर चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में तन्वी को झांग के खिलाफ 18-21, 16-21 से हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में फाइनल में उनके पास पिछली हार का हिसाब बराबर करने और स्वर्ण पदक जीतने का मौका होगा।

सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला शटलर

फाइनल से पहले तन्वी ने बुधवार को क्वार्टर फाइनल में थाईलैंड की कुंगकाएव कनानिक को 21-17, 21-13 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। इसके साथ ही वह यूथ ओलंपिक बैडमिंटन के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला शटलर बनी थीं।

ओडिशा की रहने वाली तन्वी बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर फॉर एक्सीलेंस में प्रशिक्षण लेती हैं। कम उम्र में उनके इस प्रदर्शन को भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

यूथ ओलंपिक के सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली चौथी भारतीय शटलर

तन्वी यूथ ओलंपिक बैडमिंटन के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली चौथी भारतीय खिलाड़ी हैं। उनसे पहले तीन भारतीय पुरुष शटलर एचएस प्रणय, लक्ष्य सेन और आदित्य जोशी यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।

एचएस प्रणय ने 2010 में सिंगापुर में आयोजित पहले युवा ओलंपिक में रजत पदक जीता था। वहीं, लक्ष्य सेन ने 2018 में ब्यूनस आयर्स में आयोजित युवा ओलंपिक में उपविजेता रहते हुए रजत पदक हासिल किया था। आदित्य जोशी 2014 में लड़कों के एकल वर्ग के सेमीफाइनल तक पहुंचे थे, लेकिन उन्हें पदक नहीं मिल सका था।

अंडर-15 और अंडर-17 में भी रच चुकी हैं इतिहास

तन्वी पत्री इससे पहले चीन में आयोजित बैडमिंटन एशिया अंडर-15 और अंडर-17 चैंपियनशिप में लड़कियों के एकल वर्ग का खिताब जीत चुकी हैं। इन दोनों आयु वर्गों में महाद्वीपीय खिताब जीतने वाली वह पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थीं।

अब यूथ ओलंपिक के फाइनल में पहुंचकर तन्वी ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। पूरे देश की निगाहें अब उनके फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं।

BHARATSUPERFASTNEWS

Table of contents [hide]

Read more

Local News