Ranchi News, 5 November 2026: साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच शिकायतों के निपटारे और उन पर कार्रवाई के मामले में झारखंड की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। केंद्र सरकार के प्रगति पोर्टल से जुड़े CIAR के राज्यवार आंकड़ों के अनुसार, 21 अक्टूबर 2026 तक झारखंड 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सूची में 30वें स्थान पर रहा। इस प्रदर्शन को लेकर पुलिस मुख्यालय ने जिलों के एसपी और एसएसपी की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है।
13,198 शिकायतों में 10,662 का निपटारा
आंकड़ों के मुताबिक, CIAR के तहत झारखंड को कुल 13,198 शिकायतें मिली हैं। इनमें से 10,662 शिकायतों का निपटारा किया गया है, जबकि 1,266 शिकायतें लंबित हैं और 1,270 शिकायतें प्रक्रिया में हैं।
राज्य की रिस्पांस रेट 80.78 प्रतिशत दर्ज की गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 88.49 प्रतिशत है। वहीं, शिकायतों के जवाब की गुणवत्ता 75.86 प्रतिशत बताई गई है। आंकड़ों के अनुसार, शिकायतों पर प्रतिक्रिया देने की गति और जवाब की गुणवत्ता, दोनों मामलों में झारखंड राष्ट्रीय औसत से पीछे है।
नौ बिंदुओं पर समीक्षा के निर्देश
खराब प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी और एसएसपी को अपने स्तर पर समीक्षा बैठक करने का निर्देश दिया है। MRM, GRM, CIAR और जागरूकता कार्यक्रमों समेत सभी नौ बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
जिलों को लंबित शिकायतों की स्थिति की समीक्षा करने और शिकायतों का जवाब देने की प्रक्रिया में सुधार लाने का निर्देश दिया गया है। पुलिस मुख्यालय जल्द ही इन बिंदुओं पर जिलावार प्रदर्शन की समीक्षा करेगा।
प्रधानमंत्री की समीक्षा बैठक से पहले बढ़ी चिंता
नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में प्रगति पोर्टल की समीक्षा बैठक प्रस्तावित है। इसमें विभिन्न राज्यों के मुख्य सचिव, गृह विभाग के सचिव, डीजीपी और झारखंड के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल होंगे।
बैठक से पहले राज्य की रैंकिंग और शिकायतों के निपटारे की स्थिति को लेकर पुलिस मुख्यालय गंभीर है। इसी वजह से सभी जिलों के एसपी-एसएसपी को तत्काल समीक्षा कर सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं।
झारखंड में 2026 के 10 साइबर अपराध मामलों पर एक नजर
राज्य के अलग-अलग जिलों में साइबर ठगी के कई मामले सामने आए हैं। इनमें गिरफ्तारियां, ठगी की रकम और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े प्रमुख मामले शामिल हैं।
1. रांची: तीन लोगों से 18.68 लाख रुपये की ठगी
25 जुलाई 2026 को रांची में साइबर ठगी के तीन मामले सामने आए। शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 9.80 लाख रुपये, टेलीग्राम पर मुनाफे का लालच देकर 2.77 लाख रुपये और विदेशी डॉलर भेजने के नाम पर 6.11 लाख रुपये की ठगी की गई। तीनों मामलों में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
2. गढ़वा: सेवानिवृत्त डॉक्टर से 38.62 लाख की ठगी
13 मार्च 2026 को झारखंड CID ने गढ़वा के एक सेवानिवृत्त सरकारी डॉक्टर से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 38,62,982 रुपये की ठगी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की गिरफ्तारी जमशेदपुर के घाटशिला और कदमा से हुई।
3. गिरिडीह: 26 मामलों में वांछित आरोपी गिरफ्तार
17 फरवरी 2026 को गिरिडीह पुलिस ने रमेश मंडल समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, रमेश मंडल के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी के 26 मामले दर्ज थे। आरोपियों पर फर्जी बैंक APK फाइल भेजकर लोगों को ठगने का आरोप था।
4. देवघर: साइबर ठगी के आरोप में दो गिरफ्तार
17 फरवरी 2026 को देवघर के पथरड्डा क्षेत्र में पुलिस ने दो साइबर आरोपियों को गिरफ्तार किया। उन पर बैंक अधिकारी और कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों से ठगी करने का आरोप था। पुलिस ने दो मोबाइल और तीन सिम बरामद किए।
5. उत्तरी छोटानागपुर: विशेष अभियान में 57 आरोपी गिरफ्तार
20 फरवरी 2026 को झारखंड पुलिस ने उत्तरी छोटानागपुर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर 57 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, 1 अक्टूबर 2025 से 16 फरवरी 2026 के बीच संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के बाद साइबर अपराध के 15 मामले दर्ज किए गए। कार्रवाई के दौरान 132 मोबाइल, 168 सिम, 31 एटीएम कार्ड और 4.67 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।
6. बोकारो-गिरिडीह: फर्जी बैंक APK से ठगी का नेटवर्क
18 फरवरी 2026 को पुलिस ने बोकारो और गिरिडीह से जुड़े साइबर ठगी नेटवर्क के पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी। गिरिडीह में तीन आरोपी पकड़े गए। इनमें से एक आरोपी के खिलाफ 26 साइबर ठगी के मामले दर्ज होने की बात सामने आई।
7. जामताड़ा: ई-चालान के नाम पर ठगी
21 सितंबर 2026 को जामताड़ा के करमाटांड़ क्षेत्र में साइबर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। उन पर व्हाट्सऐप के जरिए फर्जी ई-चालान APK भेजकर लोगों को ठगने का आरोप था। पुलिस ने चार मोबाइल और तीन सिम बरामद किए।
8. देवघर-जामताड़ा: 14 साइबर आरोपी गिरफ्तार
19 सितंबर 2026 को पुलिस ने दोनों जिलों में अलग-अलग छापेमारी कर 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें देवघर से 10 और जामताड़ा से चार आरोपी शामिल थे। उन पर फर्जी APK, गैस बिल अपडेट, बैंक KYC और कस्टमर केयर के नाम पर ठगी करने का आरोप था। जामताड़ा से 2.20 लाख रुपये नकद, 13 मोबाइल और 13 सिम बरामद किए गए।
9. देवघर: कस्टमर केयर बनकर ठगी, दो भाई गिरफ्तार
11 अक्टूबर 2026 को देवघर पुलिस ने दो भाइयों को गिरफ्तार किया। उन पर ई-कॉमर्स और डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म के कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने का आरोप था। पुलिस ने तीन मोबाइल और तीन सिम जब्त किए। जांच में उनके मोबाइल नंबरों और IMEI से दूसरे राज्यों में दर्ज साइबर शिकायतों के तार जुड़े होने की बात सामने आई।
10. रामगढ़-जमशेदपुर: ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर 4-5 करोड़ की ठगी
31 अक्टूबर 2026 को जमशेदपुर पुलिस और रामगढ़ साइबर थाना की संयुक्त कार्रवाई में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, गिरोह करीब सात महीने से ऑनलाइन गेमिंग में कम निवेश पर बड़ा मुनाफा देने का झांसा देकर चार से पांच करोड़ रुपये की ठगी कर चुका था। बिरसानगर के एक किराये के मकान में मिनी कंट्रोल रूम चलाए जाने की जानकारी भी सामने आई।
शिकायतों के निपटारे में सुधार बड़ी चुनौती
झारखंड में साइबर अपराध के खिलाफ अलग-अलग जिलों में गिरफ्तारियां और छापेमारी जारी हैं। इसके बावजूद CIAR के आंकड़े शिकायतों पर प्रतिक्रिया और जवाब की गुणवत्ता में सुधार की जरूरत की ओर इशारा करते हैं। पुलिस मुख्यालय की समीक्षा और जिलावार निगरानी से यह स्पष्ट होगा कि लंबित शिकायतों के निपटारे और पुलिस की जवाबदेही में कितना सुधार हो पाता है।
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