Patna 4 November 2026: जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को बिहार आने का निमंत्रण दिया है। उन्होंने हिमंत बिस्वा सरमा को बिहार के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखने के लिए आमंत्रित किया है। इस दावत में लिट्टी-चोखा, सत्तू पराठा, ठेकुआ, खाजा, मखाने की खीर, तिलकोर और माछ-भात जैसे बिहारी पकवान शामिल हैं। अब असम के मुख्यमंत्री के जवाब का इंतजार है।
हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर मांगी थी बिहारी व्यंजनों की जानकारी
दरअसल, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए बिहार के पारंपरिक व्यंजनों के बारे में जानकारी मांगी थी। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के पारंपरिक भोजन का स्वाद लेने के बाद बिहार के व्यंजनों को भी चखने की इच्छा जताई थी।
उनकी इसी पोस्ट पर संजय झा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से प्रतिक्रिया दी और उन्हें बिहार आने का न्योता दिया।
संजय झा ने बताया बिहारी पकवानों का खास मेन्यू
संजय झा ने अपने पोस्ट में लिखा कि बिहार के खास व्यंजन हिमंत बिस्वा सरमा का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने सत्तू पराठा और लिट्टी-चोखा के साथ ठेकुआ, खाजा तथा मिथिला के पारंपरिक पकवानों का जिक्र किया।
उन्होंने मखाने की खीर, तिलकोर और माछ-भात का स्वाद लेने का भी आग्रह किया। इसके साथ ही संजय झा ने असम के मुख्यमंत्री से विशेष रूप से मिथिला हाट आने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मिथिला हाट स्थित ‘भंसा घर’ में उनका स्वागत कर उन्हें मिथिला के असली स्थानीय व्यंजनों का स्वाद चखाने में खुशी होगी।
अपने निमंत्रण के अंत में संजय झा ने मैथिली में लिखा, ‘बिहार मऽ अहां के स्वागत अछि’, यानी बिहार में आपका स्वागत है।
कटिहार में जागरूकता मैराथन में भी शामिल हुए संजय झा
बिहारी व्यंजनों के निमंत्रण के अलावा संजय झा कटिहार में जेडीयू की ओर से आयोजित जागरूकता मैराथन में भी शामिल हुए। यह आयोजन फरक्का जल संधि में बिहार के जल अधिकारों को शामिल करने और इस मुद्दे पर आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से किया गया था।
कार्यक्रम के दौरान संजय झा ने कहा कि फरक्का जल संधि के कारण बिहार के साथ बड़ा अन्याय हुआ है। गंगा के पानी के बंटवारे में बिहार के हितों की अनदेखी की गई है। उन्होंने मांग की कि संधि के नवीनीकरण के समय बिहार के हिस्से के पानी का स्पष्ट निर्धारण होना चाहिए।
‘बिहार के 13 करोड़ से अधिक लोगों के हितों का सवाल’
संजय झा ने कहा कि गंगा बिहार के 12 जिलों से होकर गुजरती है और इसका प्रभाव केवल इन्हीं जिलों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरा राज्य इससे प्रभावित होता है।
उन्होंने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि बिहार के 13 करोड़ से अधिक लोगों के हितों से जुड़ा सवाल है। बिहार के हिस्से का पानी बिहार को ही मिलना चाहिए।
उमेश कुशवाहा ने बताया जनजागरण अभियान का उद्देश्य
इस दौरान जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि पार्टी की ओर से फरक्का जल संधि को लेकर गंगा किनारे बसे जिलों में नीतिगत संवाद और जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान की शुरुआत बक्सर से हुई थी और इसका समापन कटिहार में हो रहा है। अभियान के जरिए युवाओं को विशेष रूप से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे फरक्का जल संधि और इससे बिहार को होने वाले नुकसान के बारे में समझ सकें।
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