Tuesday, November 3, 2026

SIR में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम कट गया तो क्या करें? पुराने मतदाता भी भर सकते हैं फॉर्म-6, चुनाव आयोग ने दूर की शंका

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National News | 3 नवंबर 2026: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में जिन लोगों का नाम शामिल नहीं है, उन्हें दोबारा नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करना होगा। भारत निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह नियम उन मतदाताओं पर भी लागू होगा, जिनका नाम पहले से वोटर लिस्ट में दर्ज था। ऐसे मतदाता भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 भरकर अपना नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल कराने का अनुरोध कर सकते हैं।

चुनाव आयोग ने इस संबंध में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को पत्र जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। आयोग का उद्देश्य पात्र मतदाताओं की नामावली में दोबारा शामिल होने की प्रक्रिया को लेकर बनी भ्रम की स्थिति दूर करना है।

पुराने मतदाता फॉर्म-6 भरने से क्यों हिचक रहे थे?

चुनाव आयोग को जानकारी मिली थी कि SIR के दौरान प्रकाशित ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम नहीं मिलने पर कई पुराने मतदाता फॉर्म-6 जमा करने से बच रहे हैं।

दरअसल, फॉर्म-6 में एक घोषणा देनी होती है कि आवेदक का नाम पहली बार मतदाता सूची में शामिल किया जा रहा है। पहले से मतदाता के रूप में पंजीकृत रहे लोगों को आशंका थी कि इस घोषणा पर हस्ताक्षर करना गलत जानकारी देना माना जा सकता है और इससे उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इसी भ्रम को दूर करने के लिए आयोग ने स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होने पर फॉर्म-6 के जरिए दोबारा नाम शामिल कराने का आवेदन किया जा सकता है।

आयोग ने कहा- फॉर्म-6 भरना गलत घोषणा नहीं

चुनाव आयोग के मुताबिक, फॉर्म-6 में दी जाने वाली घोषणा 1 अगस्त 2022 से लागू है। यदि किसी व्यक्ति का नाम SIR के दौरान जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अंतिम मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6 जमा कर सकता है।

आयोग ने साफ किया है कि आवेदन का उद्देश्य मतदाता सूची में नाम शामिल कराना है। केवल इस वजह से कि संबंधित व्यक्ति का नाम पहले भी मतदाता सूची में दर्ज था, फॉर्म-6 जमा करना गलत घोषणा नहीं माना जाएगा।

जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 पर भी दी सफाई

चुनाव आयोग ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है।

आयोग के अनुसार, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) किसी मतदाता के खिलाफ सिर्फ इस आधार पर कार्रवाई नहीं करेगा कि उसका नाम पहले मतदाता सूची में था और उसने SIR के दौरान या उसके बाद फॉर्म-6 जमा किया है।

हालांकि, इसके लिए जरूरी है कि आवेदक किसी दूसरे संसदीय या विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में पहले से पंजीकृत न हो और आवेदन में दी गई घोषणा कानूनी रूप से सही हो।

सभी राज्यों में स्पष्टीकरण का प्रचार करने का निर्देश

चुनाव आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस स्पष्टीकरण की जानकारी सभी संबंधित अधिकारियों और मतदाताओं तक पहुंचाई जाए।

इसके लिए स्थानीय भाषाओं और क्षेत्र में उपलब्ध मीडिया माध्यमों से व्यापक प्रचार करने को कहा गया है, ताकि पुराने मतदाताओं के बीच फॉर्म-6 को लेकर किसी तरह की गलतफहमी न रहे।

मतदाताओं के लिए क्या है जरूरी?

SIR के दौरान जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम नहीं मिलने पर पात्र मतदाता फॉर्म-6 के माध्यम से नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि दी गई जानकारी सही हो और आवेदक किसी अन्य निर्वाचन क्षेत्र में पहले से पंजीकृत न हो।

इसलिए जिन लोगों का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं दिख रहा है, उन्हें केवल पुराने पंजीकरण के आधार पर आवेदन करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपना दावा प्रस्तुत करना चाहिए और आवेदन की स्थिति की जानकारी संबंधित निर्वाचन कार्यालय से लेनी चाहिए।

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