Ranchi News | 3 नवंबर 2026: झारखंड हाई कोर्ट की महिला अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में राज्य सरकार ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। आठ सदस्यीय इस टीम को मामले की निष्पक्ष और तेजी से जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है। मंगलवार को हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार ने शपथ पत्र दाखिल कर एसआईटी गठन की जानकारी दी।
अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को 19 नवंबर तक जांच की अद्यतन रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
हजारीबाग सदर एसडीपीओ करेंगे SIT का नेतृत्व
मामले की सुनवाई जस्टिस आर. मुखोपाध्याय और जस्टिस राम शर्मा की खंडपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि जांच को निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के उद्देश्य से आठ सदस्यीय एसआईटी बनाई गई है।
इस विशेष जांच टीम का नेतृत्व हजारीबाग सदर एसडीपीओ करेंगे। सरकार की ओर से जांच की प्रगति की जानकारी शपथ पत्र के माध्यम से अदालत को दी गई।
इसके बाद हाई कोर्ट ने जांच एजेंसी को आगे की कार्रवाई करते हुए 19 नवंबर तक विस्तृत अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
अनुष्का के भाई ने दायर की है निष्पक्ष जांच की याचिका
अनुष्का चक्रवर्ती के भाई देवजीत चक्रवर्ती ने मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है।
सुनवाई के दौरान पीड़ित परिवार की ओर से हाई कोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के महासचिव नवीन कुमार के साथ अधिवक्ता विकास कुमार और अंशु कुमारी ने पक्ष रखा। उन्होंने मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की।
हजारीबाग के फ्लैट में मिला था अधिवक्ता का शव
अनुष्का चक्रवर्ती का शव हजारीबाग जिले के बड़ा बाजार थाना क्षेत्र स्थित बंगाली कॉलोनी के गुप्ता कॉम्प्लेक्स के एक फ्लैट से संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया था। इस घटना के बाद परिवार ने मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग उठाई।
बताया गया है कि अनुष्का और उनके पति कुशाग्र रुद्र ने करीब तीन साल पहले प्रेम विवाह किया था। दोनों हजारीबाग स्थित इसी फ्लैट में रह रहे थे।
पति और सास-ससुर पर प्रताड़ना और हत्या का आरोप
अनुष्का के पिता सुनील कुमार चक्रवर्ती ने उनके पति कुशाग्र रुद्र और सास-ससुर के खिलाफ दहेज के लिए प्रताड़ित करने तथा हत्या करने का गंभीर आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है।
ये आरोप पीड़ित परिवार की ओर से लगाए गए हैं। मामले की वास्तविक परिस्थितियों और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
अब 19 नवंबर की सुनवाई पर रहेगी नजर
आठ सदस्यीय एसआईटी के गठन के बाद अब जांच की प्रगति पर अदालत की नजर रहेगी। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से 19 नवंबर तक रिपोर्ट मांगी है। इस रिपोर्ट से जांच में अब तक हुई कार्रवाई और सामने आए तथ्यों की जानकारी मिलने की उम्मीद है।
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