Ranchi News | 3 नवंबर 2026: IDBI बैंक के निजीकरण के प्रस्ताव के खिलाफ कर्मचारियों का विरोध झारखंड में भी तेज हो रहा है। जमशेदपुर और बोकारो के बाद मंगलवार को राजधानी रांची में भी बैंककर्मियों ने विभिन्न शाखाओं के सामने धरना देकर केंद्र सरकार के फैसले का विरोध किया। कर्मचारियों ने सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की संयुक्त हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की।
मेन रोड समेत कई जगहों पर कर्मचारियों ने दिया धरना
मंगलवार को रांची के मेन रोड स्थित IDBI बैंक शाखा के सामने, एकरा मस्जिद और रतन सिनेमा के पास कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान बैंककर्मियों ने निजीकरण के प्रस्ताव के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बैंक की हिस्सेदारी किसी निजी कंपनी को सौंपे जाने से बैंक की नीतियों, कर्मचारियों के भविष्य और आम ग्राहकों के हित प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने सरकार से निजीकरण की प्रक्रिया रोकने और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकिंग हितों को ध्यान में रखने की अपील की।
60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव का विरोध
विरोध का मुख्य मुद्दा केंद्र सरकार और LIC की IDBI बैंक में संयुक्त 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी की प्रस्तावित बिक्री है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार की 30.48 प्रतिशत और LIC की 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी शामिल है।
इस हिस्सेदारी को कनाडा की कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स को बेचने की प्रक्रिया का कर्मचारी संगठन विरोध कर रहे हैं। प्रस्तावित सौदे का मूल्य करीब 52,878 करोड़ रुपये बताया गया है।
कर्मचारियों का तर्क है कि IDBI बैंक मुनाफे में है, इसलिए इसके निजीकरण की जरूरत पर सवाल उठते हैं। हालांकि, यह प्रदर्शनकारियों का पक्ष है।
सरकार और LIC की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी बनाए रखने की मांग
आंदोलन कर रहे कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि सरकार और LIC की संयुक्त हिस्सेदारी कम से कम 51 प्रतिशत बरकरार रखी जाए। इसके साथ ही उन्होंने कर्मचारियों के रोजगार, वेतन, पेंशन, ग्रेच्युटी और आरक्षण से जुड़े अधिकारों को कानूनी संरक्षण देने की मांग उठाई है।
कर्मचारियों का कहना है कि निजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने से पहले इन सभी मुद्दों पर स्पष्ट गारंटी दी जानी चाहिए।
जमशेदपुर और बोकारो में भी हो चुका है विरोध
IDBI बैंक के निजीकरण के खिलाफ झारखंड के अन्य शहरों में भी विरोध कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
जमशेदपुर में यूनाइटेड फोरम ऑफ IDBI ऑफिसर्स एंड एम्प्लॉइज के आह्वान पर 2 और 3 नवंबर को विरोध कार्यक्रम हुए। वहीं, बोकारो के बेरमो में बीमा कर्मचारी संघ ने LIC शाखा के बाहर द्वार प्रदर्शन कर IDBI कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल का समर्थन किया।
रांची में भी धरना शुरू होने के बाद निजीकरण के प्रस्ताव के खिलाफ कर्मचारियों का विरोध राज्य के अलग-अलग हिस्सों में सामने आ रहा है।
Bharat Superfast News | Ranchi Desk
