पटना | 2 नवंबर 2026 | Bharat Superfast News
बिहार की राजधानी पटना में डेंगू संक्रमण के बीच इस सीजन में तीसरी मौत का मामला सामने आया है। 23 वर्षीय मंजीत कुमार की पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में इलाज के दौरान मौत हो गई। बताया गया है कि वह करीब एक महीने से बुखार से पीड़ित था। शुक्रवार को तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां देर रात उसने दम तोड़ दिया।
इस बीच जिले में डेंगू संक्रमितों की संख्या भी 537 से अधिक हो गई है। जिला डेंगू-मलेरिया पदाधिकारी सुभाष प्रसाद के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में पांच नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।
कमला नेहरू नगर में दूसरी मौत का दावा
मृतक मंजीत कुमार के परिजनों के अनुसार, इलाज के दौरान उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और प्लेटलेट्स में भी गिरावट आई। डॉक्टरों ने उपचार का प्रयास किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कमला नेहरू नगर में डेंगू से यह दूसरी मौत है। इससे पहले 10 सितंबर को 28 वर्षीय मोहम्मद खुशियाल की मौत हुई थी। इस घटना के बाद इलाके के लोगों में संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ गई है।
सफाई व्यवस्था पर मृतक के पिता ने उठाए सवाल
मंजीत के पिता मनोज कपाड़िया ने इलाके की सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि घर के पीछे स्थित बड़े नाले में गंदगी जमा रहती है और आसपास कचरे का ढेर लगा रहता है। इससे मच्छरों के पनपने की आशंका बनी रहती है।
मनोज कपाड़िया के मुताबिक, स्थानीय लोग कई बार सफाई की मांग कर चुके हैं, लेकिन नियमित सफाई, फॉगिंग और एंटी लार्वा दवा का छिड़काव नहीं कराया जाता। उन्होंने नगर निगम से इलाके में साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
पटना में 537 से अधिक डेंगू मरीज
जिला डेंगू-मलेरिया पदाधिकारी सुभाष प्रसाद ने बताया कि इस वर्ष पटना जिले में अब तक 537 से अधिक लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। पिछले 24 घंटे के दौरान पांच नए मामले सामने आए हैं।
उन्होंने बताया कि बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान के लिए फीवर सर्वे कराया जा रहा है। संदिग्ध मरीजों की जांच और इलाज की व्यवस्था पर भी स्वास्थ्य विभाग नजर रख रहा है।
सितंबर से नवंबर तक ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल के अनुसार, सितंबर से नवंबर के बीच डेंगू संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। बारिश के बाद घरों और आसपास जमा पानी में एडीज मच्छरों के पनपने की संभावना रहती है। यही मच्छर डेंगू संक्रमण फैलाते हैं।
उन्होंने लोगों को कूलर, गमले, पुराने टायर, खुले बर्तन और अन्य स्थानों पर पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी। उनके मुताबिक, बुखार, शरीर या जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी डेंगू की जांच के लिए सैंपल लेने की व्यवस्था है।
प्रभावित इलाकों में निगरानी और छिड़काव का दावा
सिविल सर्जन ने बताया कि जिन क्षेत्रों में डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं, वहां नगर निगम की ओर से एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में डेंगू मरीजों के उपचार के लिए जांच और दवाओं की व्यवस्था उपलब्ध है।
पटना में संक्रमण के बढ़ते आंकड़ों और हालिया मौत के बाद प्रभावित इलाकों में सफाई, मच्छर नियंत्रण और जांच अभियान की नियमित निगरानी महत्वपूर्ण हो गई है।
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