पटना | 2 नवंबर 2026 | Bharat Superfast News
बिहार विधान परिषद की हालिया चुनावी नतीजों के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के बीच मतभेद की चर्चा तेज हो गई है। तिरहुत स्नातक और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय जीत दर्ज करने वाले बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज के BJP नेताओं के साथ नजर आने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
इस घटनाक्रम के बीच JDU के पराजित उम्मीदवारों ने चुनाव में गठबंधन के सहयोग पर सवाल उठाए हैं। वहीं, पार्टी ने हार के कारणों की समीक्षा के लिए 5 नवंबर को पटना में उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। इसमें चुनाव हारने वाले उम्मीदवार अपनी बात पार्टी नेतृत्व के सामने रखेंगे।
BJP नेताओं के साथ दिखे दोनों निर्दलीय MLC
31 अक्टूबर को BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पार्टी कार्यालय में बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज के साथ तस्वीर साझा की थी। इसके बाद दोनों नेताओं के BJP में शामिल होने या पार्टी को समर्थन देने को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
बताया गया कि सोशल मीडिया पोस्ट में कई बार बदलाव किए गए और अंत में दोनों नेताओं के BJP को समर्थन देने की बात लिखी गई। इसी घटनाक्रम के बाद उनकी विधान परिषद सदस्यता को लेकर सवाल उठने लगे।
राजद और जन सुराज पार्टी की ओर से विधान परिषद के कार्यकारी सभापति राम वचन राय के समक्ष शिकायत देकर दोनों की सदस्यता रद्द करने की मांग किए जाने की बात सामने आई है।
दल-बदल कानून को लेकर उठे सवाल
इस पूरे विवाद का प्रमुख मुद्दा यह है कि दोनों निर्दलीय नेताओं ने BJP की औपचारिक सदस्यता ली है या केवल पार्टी को समर्थन दिया है।
दल-बदल से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों के तहत निर्दलीय निर्वाचित सदस्य के चुनाव के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होने पर सदस्यता समाप्त होने का सवाल उठ सकता है। हालांकि, दोनों नेताओं के मामले में वास्तविक स्थिति और कानूनी परिणाम संबंधित तथ्यों तथा सक्षम प्राधिकारी के निर्णय पर निर्भर करेंगे।
बंशीधर ब्रजवासी पहले से निर्दलीय विधान परिषद सदस्य हैं, जबकि राहुल राज हालिया चुनाव में निर्वाचित हुए हैं। उपलब्ध खबर के अनुसार, राहुल राज ने अभी विधान परिषद की शपथ नहीं ली है। ऐसे में दोनों की सदन में सदस्यता की स्थिति अलग-अलग है।
अनंत सिंह के मामले से जुड़ा राजनीतिक घटनाक्रम
इसी बीच JDU ने मोकामा विधायक अनंत सिंह के खिलाफ भी दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में पार्टी की ओर से विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को शिकायत दी गई है।
वहीं, दोनों निर्दलीय विधान पार्षदों से जुड़े मामले में निर्णय लेने की जिम्मेदारी विधान परिषद के कार्यकारी सभापति राम वचन राय के समक्ष है। इस तरह बिहार NDA के दोनों प्रमुख सहयोगी दलों से जुड़े मामलों में अलग-अलग संवैधानिक पदाधिकारियों के सामने शिकायतें पहुंची हैं।
JDU के हारे उम्मीदवारों ने गठबंधन के सहयोग पर उठाए सवाल
विधान परिषद चुनाव में हार के बाद JDU के कुछ उम्मीदवारों ने गठबंधन के भीतर सहयोग को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
तिरहुत स्नातक सीट से बंशीधर ब्रजवासी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले अभिषेक झा ने गठबंधन के भीतर सहयोग को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। वहीं, सारण शिक्षक सीट पर राहुल राज से हारने वाले आनंद पुष्कर ने भी BJP नेताओं की भूमिका पर सवाल उठाए।
दोनों उम्मीदवारों की शिकायतों का मुख्य आधार यह है कि NDA के सहयोगी दलों के बीच चुनाव के दौरान अपेक्षित तालमेल नहीं दिखा। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित BJP नेताओं का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।
उमेश कुशवाहा ने BJP नेतृत्व से विचार करने को कहा
JDU के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि BJP किसे पार्टी में शामिल करती है या किसे बाहर करती है, यह उसका आंतरिक विषय है।
हालांकि, उन्होंने किसी नेता को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद दोबारा शामिल किए जाने की परिस्थितियों पर सवाल उठाया। कुशवाहा ने BJP के शीर्ष नेतृत्व से इस मामले पर विचार करने की बात कही।
उन्होंने NDA की एकजुटता को गठबंधन के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए सहयोगी दलों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
5 नवंबर को पटना में JDU की समीक्षा बैठक
विधान परिषद चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन और हार के कारणों की समीक्षा के लिए JDU ने 5 नवंबर को पटना में बैठक बुलाई है।
इस बैठक में तिरहुत स्नातक सीट से चुनाव हारने वाले अभिषेक झा, सारण शिक्षक सीट के उम्मीदवार आनंद पुष्कर और दरभंगा शिक्षक सीट पर पराजित घनश्याम राय शामिल होंगे।
तीनों उम्मीदवार चुनाव के दौरान सामने आई परिस्थितियों और अपनी शिकायतों को पार्टी नेतृत्व के सामने रखेंगे। इसके बाद नेतृत्व आगे की रणनीति पर विचार कर सकता है।
आठ सीटों के चुनाव में BJP को दो और JDU को एक जीत
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के चुनाव में BJP और JDU ने चार-चार उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। नतीजों में BJP के दो उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, जबकि JDU को एक सीट मिली।
प्रमुख नतीजे इस प्रकार रहे:
- तिरहुत शिक्षक सीट: BJP के नरेंद्र सिंह ने जीत दर्ज की।
- कोसी स्नातक सीट: BJP के एनके यादव विजयी हुए।
- पटना स्नातक सीट: JDU के नीरज कुमार अपनी सीट बचाने में सफल रहे।
- तिरहुत स्नातक सीट: निर्दलीय बंशीधर ब्रजवासी ने जीत हासिल की।
- सारण शिक्षक सीट: निर्दलीय राहुल राज विजयी हुए।
JDU के अभिषेक झा, आनंद पुष्कर और घनश्याम राय को हार का सामना करना पड़ा।
अब 5 नवंबर की बैठक पर टिकी नजरें
विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद BJP और JDU के बीच सामने आए सवालों ने NDA के अंदर चुनावी तालमेल को चर्चा में ला दिया है। एक ओर निर्दलीय MLC के BJP के साथ आने को लेकर विवाद है, तो दूसरी ओर JDU के पराजित उम्मीदवार गठबंधन के सहयोग की समीक्षा चाहते हैं।
अब 5 नवंबर को होने वाली JDU की बैठक में उम्मीदवारों की शिकायतों और चुनावी नतीजों पर क्या चर्चा होती है, इस पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।
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