नई दिल्ली | 2 नवंबर 2026 | Bharat Superfast News
Ranchi News: दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित कांग्रेस की ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ रैली में झारखंड से हजारों कार्यकर्ता और आम लोग शामिल हुए। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बंधु तिर्की के नेतृत्व में पहुंचे लोगों ने राजनीतिक भागीदारी के साथ झारखंड की सांस्कृतिक पहचान भी प्रस्तुत की। रैली में टाना भगत समुदाय के लोगों ने पारंपरिक भेरी बजाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
रामलीला मैदान में दिखी झारखंड की सांस्कृतिक पहचान
रैली के दौरान टाना भगत समुदाय की पारंपरिक प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। भेरी की गूंज के बीच झारखंड की लोकपरंपरा और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली।
झारखंड से पहुंचे लोगों की भागीदारी ने कार्यक्रम को राजनीतिक और सांस्कृतिक, दोनों दृष्टियों से पहचान दी। पारंपरिक वाद्ययंत्र के माध्यम से टाना भगत समुदाय ने अपनी सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया।
शिल्पी नेहा तिर्की और बंधु तिर्की के नेतृत्व में पहुंचे लोग
कांग्रेस की इस रैली में झारखंड के मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और वरिष्ठ कांग्रेस नेता बंधु तिर्की के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
रैली का मुख्य विषय ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ रहा। इसमें लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए गए। झारखंड से पहुंचे प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा पर शिल्पी नेहा तिर्की का बयान
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राहुल गांधी के आह्वान पर आयोजित रैली में लोगों की भागीदारी लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा को लेकर उनकी चिंता को दर्शाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चोरी और छल के सहारे खड़ा किया गया कोई भी साम्राज्य लंबे समय तक कायम नहीं रह सकता। उनके अनुसार, यह आयोजन केवल राजनीतिक रैली नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और देश के भविष्य की रक्षा के संकल्प से जुड़ा है।
संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर जताई प्रतिबद्धता
शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि जनता अपने मताधिकार को लेकर सजग है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के किसी भी प्रयास का विरोध करेगी।
उन्होंने झारखंड से हजारों लोगों की भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य के लोगों ने राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे इस अभियान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
राष्ट्रीय मंच पर झारखंड की अलग पहचान
रामलीला मैदान में आयोजित रैली के दौरान राजनीतिक नारों और भाषणों के साथ झारखंड की सांस्कृतिक परंपराओं की भी झलक देखने को मिली। टाना भगत समुदाय की पारंपरिक भेरी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में राज्य की लोकसंस्कृति को स्थान दिया।
इस तरह रैली में झारखंड के लोगों की राजनीतिक भागीदारी के साथ उनकी सांस्कृतिक पहचान भी सामने आई।
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