रांची | 2 नवंबर 2026 | Bharat Superfast News
Jharkhand Weather News: झारखंड में चक्रवात मुरासु के प्रभाव से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में 2 से 4 नवंबर तक आसमान में बादल छाए रहेंगे। कुछ स्थानों पर बारिश होने की भी संभावना है। कोल्हान प्रमंडल के जिलों में बारिश का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक रहने का अनुमान जताया गया है।
कोल्हान के तीन जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग, रांची के प्रभारी अभिषेक आनंद के मुताबिक, चक्रवात मुरासु का झारखंड पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। हालांकि, कोल्हान प्रमंडल के पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में बारिश हो सकती है।
इन जिलों में मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और विभाग की ओर से जारी होने वाले अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
रांची समेत कई जिलों में छाए रहेंगे बादल
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, राजधानी रांची के अलावा लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, रामगढ़, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद और बोकारो में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं।
इन जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की या अन्य प्रकार की बारिश होने की संभावना भी जताई गई है। हालांकि, बारिश की तीव्रता और समय अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न हो सकता है।
संथाल परगना में भी बदलेगा मौसम
देवघर, जामताड़ा, दुमका, साहिबगंज, गोड्डा और पाकुड़ समेत संथाल परगना के जिलों में भी बादल छाए रहने का अनुमान है। इन इलाकों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।
मौसम में यह बदलाव बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात मुरासु से जुड़ा बताया गया है। विभाग के अनुसार, इसका असर अगले तीन दिनों तक यानी 4 नवंबर तक देखने को मिल सकता है।
बंगाल की खाड़ी में गंभीर चक्रवाती तूफान में बदला मुरासु
भारतीय मौसम विभाग की सोमवार सुबह जारी जानकारी के अनुसार, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना चक्रवात मुरासु पिछले छह घंटों में लगभग 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा।
रिपोर्ट के मुताबिक, तूफान की तीव्रता बढ़कर गंभीर चक्रवाती तूफान के स्तर तक पहुंच गई थी। 2 नवंबर की सुबह 2:30 बजे यह चेन्नई से लगभग 260 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व में स्थित था। इसके अलावा नेल्लोर, मछलीपट्टनम, कावली, ओंगोल और विशाखापत्तनम के आसपास के समुद्री क्षेत्रों से भी इसकी दूरी दर्ज की गई थी।
आंध्र प्रदेश के तट से टकराने का अनुमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर की सुबह 4 बजे के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की संभावना जताई गई थी।
इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों के साथ 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान था।
चक्रवात की स्थिति और दिशा में बदलाव के साथ मौसम संबंधी पूर्वानुमान भी बदल सकते हैं। इसलिए लोगों को भारतीय मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन और स्थानीय प्रशासन की सलाह को प्राथमिकता देनी चाहिए।
झारखंड के मौसम पर रहेगी नजर
फिलहाल, झारखंड में चक्रवात मुरासु के प्रभाव से बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। कोल्हान प्रमंडल में बारिश को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत हो सकती है।
मौसम विभाग के अगले अपडेट से राज्य के अलग-अलग जिलों में बारिश की तीव्रता और मौसम में होने वाले बदलावों की अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
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