रांची | 1 नवंबर 2026 | Bharat Superfast News
झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर मतदाताओं को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है। कुछ लोगों को ऐसे फर्जी ई-मेल भेजे जा रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि मतदाता सूची के सत्यापन के दौरान गड़बड़ी मिलने के कारण उनका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। इसके बाद नाम दोबारा जुड़वाने के लिए ई-मेल में दिए गए लिंक पर क्लिक कर व्यक्तिगत जानकारी और दस्तावेज जमा करने को कहा जा रहा है।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने मतदाताओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। आयोग के अनुसार, इस तरह के ई-मेल साइबर धोखाधड़ी का प्रयास हो सकते हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी के साथ अपनी निजी जानकारी साझा न करें।
नाम कटने का डर दिखाकर मांगी जा रही जानकारी
फर्जी ई-मेल में मतदाताओं को यह डर दिखाया जा रहा है कि SIR प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों या विवरण में विसंगतियां मिलने के कारण उनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटा दिया गया है।
ई-मेल के जरिए नाम दोबारा शामिल कराने के लिए एक लिंक दिया जा रहा है। उस पर क्लिक करने के बाद व्यक्तिगत जानकारी और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने के लिए कहा जाता है।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे संदिग्ध संदेशों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। किसी अनजान लिंक पर आधार या अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज, बैंकिंग जानकारी अथवा OTP साझा करना नुकसानदेह हो सकता है।
निर्वाचन अधिकारियों के नाम पर भेजे जा रहे फर्जी संदेश
आयोग ने बताया है कि जिला निर्वाचन पदाधिकारी (DEO) या निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ERO) की ओर से इस तरह के ई-मेल भेजकर प्रमाण-पत्र जमा करने के लिए नहीं कहा जा रहा है।
इसलिए मतदाताओं को ई-मेल में दिए गए निर्देशों के आधार पर कोई कदम उठाने के बजाय आधिकारिक माध्यम से जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए।
SIR से जुड़े सत्यापन के लिए BLO से करें संपर्क
चुनाव आयोग ने मतदाताओं को SIR से संबंधित सत्यापन और दस्तावेज जमा करने के लिए अपने क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से संपर्क करने की सलाह दी है।
ऑनलाइन जानकारी और सेवाओं के लिए मतदाता आयोग के आधिकारिक माध्यमों का इस्तेमाल कर सकते हैं—
- ECINET ऐप: चुनाव आयोग की डिजिटल सेवाओं के लिए।
- Voters’ Service Portal: मतदाता सूची और संबंधित सेवाओं की जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल।
किसी भी वेबसाइट पर जानकारी भरने से पहले उसके आधिकारिक होने की पुष्टि जरूर करें।
4 नवंबर को BLO और BLA-2 की पांचवीं बैठक
इधर, झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने 4 नवंबर को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट-2 (BLA-2) की पांचवीं बैठक आयोजित करने की तैयारियों की समीक्षा की है।
इस संबंध में उन्होंने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। बैठक में चुनाव पाठशाला के आयोजन पर भी चर्चा हुई।
दस्तावेज नहीं देने वाले मतदाताओं की सूची पर होगी चर्चा
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने उन मतदाताओं की सूची पर विस्तार से चर्चा करने का निर्देश दिया है, जिन्होंने दो बार नोटिस दिए जाने और घर-घर जाकर दस्तावेज जुटाने का प्रयास किए जाने के बावजूद जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं।
इस विषय पर BLO और BLA-2 की बैठक में चर्चा की जाएगी, ताकि SIR से जुड़ी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
मतदाता इन सावधानियों का रखें ध्यान
SIR के नाम पर होने वाली संभावित साइबर ठगी से बचने के लिए मतदाताओं को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए—
- अनजान ई-मेल या मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें।
- OTP, पासवर्ड और निजी दस्तावेज किसी संदिग्ध वेबसाइट पर साझा न करें।
- मतदाता सूची से जुड़े किसी भी दावे की पुष्टि BLO या निर्वाचन कार्यालय से करें।
- ऑनलाइन सेवाओं के लिए केवल चुनाव आयोग के आधिकारिक ऐप और पोर्टल का इस्तेमाल करें।
- संदिग्ध ई-मेल का जवाब देने या उसमें दिए गए निर्देशों का पालन करने से बचें।
चुनाव आयोग की अपील है कि मतदाता सतर्क रहें और SIR से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए आधिकारिक माध्यमों पर ही भरोसा करें।
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