श्रीनगर | 1 नवंबर 2026 | Bharat Superfast News
जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री पैकेज के तहत कार्यरत कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के लिए रविवार को आवासीय सुविधा से जुड़ी बड़ी पहल की गई। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर के आसपास स्थित तीन स्थानों पर 1,416 ट्रांजिट आवासीय फ्लैटों का उद्घाटन किया। इनमें बडगाम के जेवान (जवान), काकन मारन और कुपवाड़ा के कुलंगम बाग के आवासीय परिसर शामिल हैं।
इस मौके पर उपराज्यपाल ने कहा कि यह परियोजना कश्मीरी पंडित कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए उम्मीद, सम्मान और बेहतर भविष्य का प्रतीक है। उन्होंने घाटी में कश्मीरी पंडितों की सुरक्षित और सम्मानजनक वापसी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
प्रधानमंत्री पैकेज के तहत 6,000 फ्लैट बनाने की योजना
वर्ष 2010 से विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्त प्रधानमंत्री पैकेज के कर्मचारियों के लिए कश्मीर घाटी के सभी 10 जिलों में आवासीय सुविधा विकसित की जा रही है। योजना के तहत 342 रेजिडेंशियल ब्लॉक में कुल 6,000 सरकारी फ्लैट उपलब्ध कराए जाने हैं।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के मुताबिक, परियोजना के तहत अब तक 5,200 फ्लैटों का निर्माण पूरा हो चुका है। इनमें से 3,800 फ्लैट कर्मचारियों को आवंटित किए जा चुके हैं।
परियोजना की लागत बढ़कर 1,325 करोड़ रुपये हुई
मनोज सिन्हा ने बताया कि इस आवासीय परियोजना को शुरुआत में 920 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मंजूरी दी गई थी। बाद में इसकी लागत बढ़ाकर 1,325 करोड़ रुपये कर दी गई।
उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडित घाटी की ऐतिहासिक और सामाजिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सुरक्षा, विश्वास और गरिमा के साथ उनकी अपने घरों में वापसी सुनिश्चित करना मानवीय मूल्यों और क्षेत्र की साझा विरासत को मजबूत करने की दिशा में जरूरी है।
कर्मचारियों ने जताई खुशी, केंद्र सरकार का आभार
प्रधानमंत्री पैकेज के कर्मचारी सुशील रैना ने फ्लैटों के निर्माण और आवंटन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि कर्मचारी इस सुविधा के लिए उपराज्यपाल और केंद्र सरकार के आभारी हैं।
रैना के अनुसार, कई कर्मचारी वर्ष 2010 से इन आवासों का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी का सपना आगे बढ़ेगा।
आपसी विश्वास और सहयोग पर भी दिया जोर
सुशील रैना ने कहा कि कश्मीरी पंडितों की वापसी केंद्र सरकार और समुदाय का सपना है। उन्होंने कश्मीरी मुसलमानों से भी आपसी दूरियां कम करने और विश्वास का माहौल मजबूत करने की अपील की।
रैना ने बताया कि पिछले 10 से 15 वर्षों के दौरान घाटी में काम करते हुए उन्हें स्थानीय मुस्लिम समुदाय का समर्थन और सहयोग मिला है।
सुरक्षित आवास को वापसी की दिशा में अहम कदम बताया
प्रधानमंत्री पैकेज के कर्मचारियों के लिए आवासीय परिसर तैयार करना घाटी में उनकी कार्यस्थल संबंधी जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उपराज्यपाल ने इसे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों और उनके परिवारों के सुरक्षित जीवन से जुड़ी पहल बताया।
हालांकि, आवासीय फ्लैटों का निर्माण और आवंटन अपने आप में व्यापक पुनर्वास की प्रक्रिया का पूरा होना नहीं है। सुरक्षित वातावरण, रोजगार, सामाजिक विश्वास और अन्य सुविधाएं भी सम्मानजनक वापसी के महत्वपूर्ण पहलू हैं।
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