रांची | 1 नवंबर 2026 | Bharat Superfast News
दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में झारखंड से कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के कई नेता, मंत्री, विधायक और कार्यकर्ता शामिल हुए। रैली में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, गांडेय विधायक कल्पना सोरेन सहित झारखंड के कई प्रमुख राजनीतिक चेहरे मौजूद रहे। इसके अलावा टाना भगतों ने भी कार्यक्रम में भागीदारी की।
रैली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी का मुद्दा उठाया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के जरिए पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। पार्टी ने इसे मतदान के अधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा गंभीर सवाल बताया।
झारखंड से 12 हजार कार्यकर्ताओं के पहुंचने का दावा
झारखंड कांग्रेस ने रैली में राज्य से करीब 12 हजार कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा किया था। पार्टी के अनुसार, अलग-अलग जिलों से कार्यकर्ता बस, ट्रेन और निजी वाहनों के माध्यम से दिल्ली पहुंचे।
रांची से 13 बसों में कार्यकर्ताओं और समर्थकों को रवाना किया गया था। कांग्रेस नेताओं ने इस आयोजन को लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियान का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
प्रदेश अध्यक्ष और कई मंत्री-विधायक हुए शामिल
रैली में झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी शामिल हुए। पूर्व मंत्री बंधु तिर्की, खिजरी विधायक राजेश कच्छप और मनिका विधायक रामचंद्र सिंह सहित पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता भी दिल्ली पहुंचे।
इंडिया गठबंधन के घटक दलों के नेताओं की मौजूदगी के बीच झारखंड से आए प्रतिनिधियों ने भी रैली में भाग लिया।
SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग पर कांग्रेस के सवाल
कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं ने रैली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान कथित तौर पर पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने इससे पहले रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि झारखंड से बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता रैली में शामिल होंगे। उन्होंने भाजपा पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए दावा किया था कि SIR के नाम पर पात्र मतदाताओं को उनके मतदान के अधिकार से वंचित करने की कोशिश की जा रही है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई
कांग्रेस ने रैली के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और चुनाव आयोग की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
विपक्षी दलों ने मताधिकार की सुरक्षा और चुनावी संस्थाओं की निष्पक्षता का सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
खरगे और राहुल गांधी समेत विपक्ष के बड़े नेता रहे मौजूद
रामलीला मैदान में आयोजित रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित इंडिया गठबंधन के कई प्रमुख नेता शामिल हुए।
झारखंड से नेताओं, कार्यकर्ताओं और टाना भगतों की भागीदारी ने रैली में राज्य की मौजूदगी दर्ज कराई। कांग्रेस ने इस आयोजन को मतदाता अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर जनजागरूकता बढ़ाने के अभियान का हिस्सा बताया।
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