Sunday, November 1, 2026

दिल्ली की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में झारखंड की भागीदारी, माकपा ने बताया लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का आंदोलन

Share

नई दिल्ली | 1 नवंबर 2026 | Bharat Superfast News

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में झारखंड से भी बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ इंडिया गठबंधन के घटक दलों कांग्रेस, माकपा, राजद, भाकपा और अन्य वामपंथी दलों के प्रतिनिधि रैली में शामिल हुए।

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी माकपा ने इस रैली को लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जनता के प्रतिरोध का प्रदर्शन बताया है। पार्टी के राज्य सचिवमंडल ने रैली में शामिल सभी लोगों को बधाई दी।

रामलीला मैदान में जुटे विभिन्न वर्गों के लोग

माकपा के अनुसार, रैली में किसान, मजदूर, छात्र, युवा, महिलाएं, छोटे व्यापारी, वकील और बुद्धिजीवी बड़ी संख्या में शामिल हुए। पार्टी ने दावा किया कि सुबह 10 बजे तक मैदान में लाखों लोगों की भीड़ जुट चुकी थी।

रैली का मुख्य मुद्दा मताधिकार और मतदाता सूची से जुड़ी कथित गड़बड़ियां रहा। आयोजकों की ओर से ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ का नारा दिया गया।

तीन किलोमीटर लंबा बैनर बना आकर्षण का केंद्र

रैली में तीन किलोमीटर लंबा एक बैनर विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। माकपा के मुताबिक, इस बैनर के माध्यम से मतदाता सूची से कथित तौर पर हटाए गए 13 करोड़ नामों का मुद्दा उठाया गया।

पार्टी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों और वोट चोरी को लेकर आम लोगों में नाराजगी है। हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने से संबंधित आंकड़े और आरोप पार्टी के दावे हैं।

झारखंड से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित कई नेता हुए शामिल

रैली में झारखंड का प्रतिनिधित्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अलावा इंडिया गठबंधन के विभिन्न घटक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने किया। कांग्रेस, माकपा, राजद, भाकपा और अन्य वामपंथी संगठनों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही।

माकपा के राज्य सचिवमंडल ने रैली में झारखंड से शामिल हुए सभी लोगों के प्रति आभार जताया और उनकी भागीदारी की सराहना की।

संघर्ष को गांवों और मेहनतकशों तक ले जाने की बात

माकपा के झारखंड राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई को अब देशभर के खेतों-खलिहानों और मेहनतकशों के कार्यस्थलों तक ले जाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के माध्यम से नफरत की राजनीति का मुकाबला किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि मताधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर आंदोलन जारी रखने का ऐलान

माकपा ने रैली को विभिन्न वर्गों की भागीदारी और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक एकजुटता का प्रदर्शन बताया। पार्टी के अनुसार, मतदाता सूची और वोट देने के अधिकार से जुड़े सवालों को लेकर जनजागरूकता और आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।

Bharat Superfast News

Read more

Local News