Monday, November 2, 2026

तेजस्वी यादव का मुख्य चुनाव आयुक्त पर हमला, ज्ञानेश कुमार को बताया ‘कठपुतली’; देशद्रोह केस की मांग

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नई दिल्ली | 1 नवंबर 2026 | Bharat Superfast News

दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सॉफ्टवेयर से जुड़े कथित घोटाले का आरोप लगाया और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग की।

अपने भाषण में तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त को केंद्र सरकार की ‘कठपुतली’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, उनके भाषण में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।

‘शकुनि चाल चल रहा है, हमें कुरुक्षेत्र में उतरना होगा’

तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन में महाभारत का उल्लेख करते हुए कहा कि रामलीला मैदान में वोट चोरी के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा रही है। उन्होंने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों की तुलना महाभारत से की और कहा कि जब शकुनि अपनी चाल चल रहा हो, तो उसका मुकाबला करने के लिए कुरुक्षेत्र में उतरना पड़ता है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट रहने की अपील की। तेजस्वी ने कहा कि लोकतंत्र को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने देना चाहिए।

चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर को लेकर उठाए सवाल

RJD नेता ने चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर और उसकी खरीद प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि सॉफ्टवेयर तैयार करने के लिए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को टेंडर दिया गया था। उन्होंने इस प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेजों की उपलब्धता पर सवाल किया।

तेजस्वी यादव ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े फैसलों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के लोगों का प्रभाव बढ़ रहा है।

ये आरोप तेजस्वी यादव ने अपने राजनीतिक भाषण के दौरान लगाए। टेंडर प्रक्रिया और सॉफ्टवेयर से संबंधित दावों की पुष्टि के लिए आधिकारिक दस्तावेजों की जांच जरूरी है।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशद्रोह के मुकदमे की मांग

तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने और उन्हें जेल भेजने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ संवैधानिक संस्थाएं स्वतंत्र रूप से काम करने के बजाय दबाव में काम कर रही हैं। उनके मुताबिक, लोकतंत्र के लिए खतरा केवल सत्ता के केंद्रीकरण से नहीं, बल्कि संस्थाओं की निष्पक्षता पर उठने वाले सवालों से भी है।

गौरतलब है कि भाषण में की गई मांग और किसी व्यक्ति के खिलाफ वास्तव में मुकदमा दर्ज होने या कानूनी कार्रवाई शुरू होने के बीच अंतर है। उपलब्ध विवरण में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इस मांग के आधार पर कोई मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि नहीं है।

‘लड़ाई वोटरों और चीटरों के बीच है’

तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में मौजूदा राजनीतिक संघर्ष को मतदाताओं और कथित तौर पर चुनावी गड़बड़ी करने वालों के बीच की लड़ाई बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें देश और ज्ञानेश कुमार में से किसी एक को चुनना होगा।

तेजस्वी ने बिहार का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य के लोग लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर जवाब देंगे। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मतदाताओं से आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराने की अपील भी की।

उनके बयान में चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर लगाए गए आरोप राजनीतिक आलोचना का हिस्सा थे। इन आरोपों की सत्यता पर स्वतंत्र रूप से निष्कर्ष निकालने के लिए संबंधित तथ्यों और आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच आवश्यक है।

अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में वोट कटने का मुद्दा उठाया

रैली में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि रैली की तैयारियों के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दी गई जानकारी में 1.27 लाख हिंदू मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कटने की बात सामने आई।

अखिलेश यादव ने यह भी दावा किया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगभग 31 हजार वोट कम हुए हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि मतदाता सूची में नाम ही नहीं रहेंगे, तो लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल कैसे करेंगे।

अखिलेश यादव के इन आंकड़ों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए उत्तर प्रदेश की संबंधित मतदाता सूचियों तथा निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों का मिलान जरूरी है।

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर राजनीतिक बहस तेज

रामलीला मैदान में हुई रैली के दौरान INDIA गठबंधन के नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए। तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की, जबकि अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम हटने का मुद्दा उठाया।

इन बयानों के बाद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े दावों पर राजनीतिक बहस आगे बढ़ने की संभावना है। हालांकि, आरोपों और आधिकारिक रूप से प्रमाणित तथ्यों के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।

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