Patna Electricity News 2026: राजधानी पटना में तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार के साथ बिजली की मांग भी लगातार बढ़ रही है। पिछले नौ वर्षों में शहर की अधिकतम बिजली मांग में करीब 69 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2017 में जहां अधिकतम लोड 553 मेगावाट था, वहीं 2026 में यह बढ़कर 933.6 मेगावाट पहुंच गया है। अनुमान है कि अगले वर्ष बिजली की अधिकतम मांग 1,000 मेगावाट के पार जा सकती है।
बढ़ती मांग को देखते हुए पटना इलेक्ट्रिक सप्लाई यूनिट (पेसू) क्षेत्र में 15 नए पावर सब स्टेशन का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें से सात सब स्टेशन नवंबर 2026 में चालू किए जाने की तैयारी है।
बढ़ेगी बिजली आपूर्ति की क्षमता, कम होगा मौजूदा उपकेंद्रों पर दबाव
निर्माणाधीन प्रत्येक नए विद्युत उपकेंद्र की क्षमता 20 एमवीए होगी। इनके चालू होने से अधिक लोड वाले इलाकों में बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
फिलहाल पेसू क्षेत्र में 86 विद्युत उपकेंद्र संचालित हैं, जिनकी कुल क्षमता 2,405 एमवीए है। पेसू के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह के अनुसार, नए उपकेंद्र शुरू होने से अधिक लोड वाले मौजूदा फीडरों और विद्युत उपकेंद्रों का दबाव कम होगा।
फीडर छोटे होने से ट्रिपिंग और लो वोल्टेज में मिलेगी राहत
नए पावर सब स्टेशन उन इलाकों में बनाए जा रहे हैं, जहां तेजी से रिहायशी और व्यावसायिक विकास हो रहा है। पहले जिन क्षेत्रों में दूर स्थित उपकेंद्रों से बिजली पहुंचाई जाती थी, वहां अब नजदीक में ही नए उपकेंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
इससे बिजली आपूर्ति करने वाले फीडरों की लंबाई कम होगी। परिणामस्वरूप तकनीकी खराबी की आशंका घटेगी और किसी समस्या की स्थिति में बिजली बहाल करने में कम समय लग सकता है। साथ ही, ओवरलोडिंग की समस्या कम होने से उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज और बार-बार बिजली कटने से राहत मिलने की उम्मीद है।
दानापुर, फुलवारी और खगौल में बन रहे पांच नए उपकेंद्र
दानापुर, फुलवारी और खगौल क्षेत्र में तेजी से अपार्टमेंट और आवासीय इमारतों का निर्माण हो रहा है। इसके चलते इन इलाकों में बिजली की मांग बढ़ी है।
बढ़ते लोड को संभालने के लिए इन क्षेत्रों में पांच नए विद्युत उपकेंद्र बनाए जा रहे हैं। इनमें दानापुर ब्लॉक ऑफिस, नोहसा, डीपीएस मोड़, उसरी और भगवतीपुर शामिल हैं।
नवंबर में चालू होने वाले सात पावर सब स्टेशन
पेसू की योजना के अनुसार, नवंबर 2026 में निम्नलिखित सात विद्युत उपकेंद्र चालू किए जाएंगे:
- भूतनाथ रोड
- दानापुर ब्लॉक ऑफिस
- नोहसा
- पहाड़ी न्यू
- पटना घाट
- एससीईआरटी कैंपस
- डीपीएस मोड़
इनके चालू होने से संबंधित इलाकों में बिजली वितरण व्यवस्था को अतिरिक्त क्षमता मिलेगी।
पटना में इन 15 स्थानों पर चल रहा निर्माण कार्य
शहर और आसपास के क्षेत्रों में कुल 15 नए विद्युत उपकेंद्र बनाए जा रहे हैं। इनकी सूची इस प्रकार है:
- भूतनाथ रोड
- पहाड़ी न्यू
- नोहसा
- दानापुर ब्लॉक ऑफिस
- पटना घाट
- बैरिया
- एससीईआरटी कैंपस
- डीपीएस मोड़
- उसरी
- न्यू विद्युत भवन
- कनौजी शाहपुर
- भगवतीपुर
- श्रीराम स्कूल, कंकड़बाग
- हसनपुरा
- हनुमान नगर
नौ वर्षों में इस तरह बढ़ा पटना का अधिकतम बिजली लोड
पटना में वर्ष 2017 से 2026 के बीच अधिकतम बिजली मांग का आंकड़ा लगातार बढ़ा है। साल-दर-साल दर्ज लोड इस प्रकार रहा:
| वर्ष | अधिकतम लोड |
|---|---|
| 2017 | 553 मेगावाट |
| 2018 | 604 मेगावाट |
| 2019 | 697 मेगावाट |
| 2020 | 620 मेगावाट |
| 2021 | 615 मेगावाट |
| 2022 | 733 मेगावाट |
| 2023 | 775 मेगावाट |
| 2024 | 863 मेगावाट |
| 2025 | 883 मेगावाट |
| 2026 | 933.6 मेगावाट |
नए पावर सब स्टेशन शुरू होने के बाद पटना की बिजली वितरण व्यवस्था को बढ़ती मांग के अनुरूप मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, उपभोक्ताओं को मिलने वाली वास्तविक राहत नए उपकेंद्रों के समय पर चालू होने और उनके प्रभावी संचालन पर निर्भर करेगी।
BHARATSUPERFASTNEWS
