नई दिल्ली | 30 अक्टूबर 2026
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी इंडिया गठबंधन की ओर से प्रस्तावित ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। दिल्ली में बारिश और खराब मौसम को इसकी वजह बताया गया है। सूत्रों के मुताबिक, अब यह कार्यक्रम 31 अक्टूबर को आयोजित किए जाने की संभावना है।
यह कार्यक्रम एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली इंडिया ब्लॉक की रैली से ठीक एक दिन पहले प्रस्तावित है। विपक्षी दल इस रैली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को उठाने की तैयारी कर रहे हैं।
खड़गे के आवास पर हुई थी तैयारी बैठक
कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने के लिए गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर विपक्षी नेताओं की बैठक हुई थी। इसमें कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश और केसी वेणुगोपाल के अलावा मीरा कुमार भी शामिल हुईं।
बैठक में तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ’ब्रायन, समाजवादी पार्टी के हरेंद्र मलिक, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ माजी और माकपा के जॉन ब्रिटास समेत अन्य विपक्षी नेता मौजूद थे।
वैकल्पिक जगह नहीं मिलने के बाद चुना गया था खड़गे का आवास
सूत्रों के अनुसार, विपक्षी गठबंधन ने पहले कॉन्स्टिट्यूशन क्लब और तालकटोरा स्टेडियम जैसे स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित करने की कोशिश की थी। लेकिन वहां जगह उपलब्ध नहीं होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष के आवास पर प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई गई।
हालांकि, दिल्ली में बारिश के कारण शुक्रवार को होने वाला कार्यक्रम टाल दिया गया।
SIR और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर विपक्ष का विरोध
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
कांग्रेस ने मंगलवार को दावा किया था कि उसे मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ ‘पब्लिक इंपीचमेंट’ यानी जन महाभियोग जैसा प्रतीकात्मक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी गई। पार्टी ने सरकार पर चुनावी व्यवस्था को कमजोर करने और आम लोगों की आवाज दबाने का आरोप भी लगाया था।
एक नवंबर को रामलीला मैदान में होगी विपक्ष की रैली
इंडिया ब्लॉक की एक नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली में SIR, मतदाता सूची और कथित वोट चोरी के मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाने की संभावना है। विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा जरूरी है।
फिलहाल जन महाभियोग कार्यक्रम की नई तारीख को लेकर सूत्रों ने 31 अक्टूबर की संभावना जताई है। इसकी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
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