पटना | 30 अक्टूबर 2026
छठ महापर्व के आसपास बिहार और झारखंड के रेल यात्रियों को नई सुविधा मिलने की उम्मीद है। रेलवे आरा और धनबाद के बीच इंटरसिटी एक्सप्रेस चलाने की तैयारी कर रहा है। इसके साथ एक फास्ट पैसेंजर ट्रेन भी प्रस्तावित है। दोनों ट्रेनों का परिचालन नए नेउरा-जट डुमरी रेलखंड के रास्ते किए जाने की योजना है।
इससे पटना, भोजपुर, नालंदा, बिहारशरीफ और शेखपुरा के यात्रियों को बेहतर रेल संपर्क मिल सकता है। हालांकि, ट्रेनों के परिचालन की अंतिम तारीख और समय-सारणी की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
प्रधानमंत्री दिखा सकते हैं नई ट्रेनों को हरी झंडी
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, अगले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस रेलखंड पर नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखा सकते हैं। इसके लिए पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर और धनबाद मंडलों में तैयारियां चल रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, बनारस से ऑनलाइन कार्यक्रम के जरिए भी इस रेल सुविधा का उद्घाटन किए जाने की संभावना है। फिलहाल इसे प्रस्तावित कार्यक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।
नेउरा-जट डुमरी रेलखंड से कई जिलों को होगा फायदा
नेउरा-जट डुमरी रेलखंड को पटना के वैकल्पिक रेलमार्ग के रूप में विकसित किया गया है। यह मार्ग नेउरा से दनियावां, बिहारशरीफ और शेखपुरा होते हुए जट डुमरी तक जाता है।
इस रेलखंड के इस्तेमाल से पटना-किऊल मुख्य रेलमार्ग पर ट्रेनों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही भोजपुर और आसपास के क्षेत्रों से बिहार के दूसरे जिलों तथा झारखंड तक रेल संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।
इन स्टेशनों से होकर गुजरने का प्रस्ताव
रेलवे सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित आरा-धनबाद इंटरसिटी एक्सप्रेस का मार्ग इस प्रकार हो सकता है:
आरा, बिहटा, दानापुर, पटना साहिब, फतुहा, नेउरा, दनियावां, बिहारशरीफ, शेखपुरा, किऊल, झाझा, जसीडीह, मधुपुर और गोमो होते हुए ट्रेन धनबाद पहुंचेगी।
इस सेवा के शुरू होने पर भोजपुर, पटना, नालंदा और शेखपुरा के यात्रियों को धनबाद के लिए सीधा रेल विकल्प मिल सकता है। विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और कारोबारियों को भी इससे सुविधा मिलने की संभावना है।
ट्रायल रन और सुरक्षा जांच के बाद आगे बढ़ेगा परिचालन
रेलवे सूत्रों का कहना है कि दोनों प्रस्तावित ट्रेनों के ट्रायल रन और सुरक्षा निरीक्षण की तैयारियां चल रही हैं। रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) का निरीक्षण अगले सप्ताह प्रस्तावित बताया जा रहा है।
सुरक्षा निरीक्षण और जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही नियमित परिचालन की दिशा में अंतिम फैसला लिया जा सकेगा।
आरा से परिचालन होने पर इंजन बदलने की जरूरत घट सकती है
आरा जंक्शन से ट्रेन चलाने का विकल्प भी रेलवे के विचार में बताया जा रहा है। इस व्यवस्था में ट्रेन आरा से बिहटा और नेउरा होते हुए नए रेलखंड पर आगे बढ़ सकती है।
इससे पटना या दानापुर से ट्रेन चलाने की स्थिति में नेउरा पर इंजन बदलने की संभावित जरूरत से बचा जा सकता है। हालांकि, इस व्यवस्था को लागू करने से पहले रेलवे को तकनीकी पहलुओं, समय-सारणी और परिचालन की व्यवहार्यता पर फैसला लेना होगा।
यात्रियों को आधिकारिक घोषणा का इंतजार
आरा-धनबाद इंटरसिटी शुरू होने से बिहार के कई जिलों और झारखंड के औद्योगिक क्षेत्र के बीच आवागमन आसान हो सकता है। खासकर धनबाद आने-जाने वाले यात्रियों को एक अतिरिक्त रेल विकल्प मिलने की उम्मीद है।
अब यात्रियों की नजर रेलवे की आधिकारिक घोषणा, ट्रेन के ठहराव और परिचालन शुरू होने की तारीख पर है।
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