Thursday, October 29, 2026

17 नवंबर से शुरू होगा 129वां गोपाष्टमी मेला, सुरक्षा से लेकर सजावट तक की तैयारी

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गिरिडीह, 29 अक्टूबर 2026: झारखंड के गिरिडीह जिले के पचंबा स्थित श्री गोपाल गौशाला में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक 129वें गोपाष्टमी मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस वर्ष मेला 17 नवंबर से 26 नवंबर तक चलेगा। आयोजन को भव्य बनाने और श्रद्धालुओं व दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गुरुवार को गौशाला परिसर में मेला समिति की बैठक हुई।

बैठक में प्रशासनिक व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, बिजली, अग्निशमन सेवा, सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा बलों की तैनाती और मेले की सजावट सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।

सुरक्षा व्यवस्था पर रहेगा विशेष जोर

मेला समिति की बैठक में बड़ी संख्या में आने वाले लोगों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी। भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात व्यवस्था सुचारु रखने और आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विचार-विमर्श किया गया।

मेले में लगाए जाने वाले झूलों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, बिजली व्यवस्था, अग्निशमन सेवा और निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई।

मूर्तिघर और नए झूले होंगे खास आकर्षण

इस बार गोपाष्टमी मेले में मूर्तिघर विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। इसके साथ ही कई नए झूले भी लगाए जाएंगे, जो बच्चों और अन्य दर्शकों को आकर्षित करेंगे।

मेले को सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए रानीगंज से फूलों की सजावट करने वाली विशेष टीम बुलाई गई है। आयोजन स्थल पर सजावट और रोशनी की व्यवस्था को भी बेहतर बनाने की तैयारी है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी बनेगी रूपरेखा

17 से 26 नवंबर तक चलने वाले मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। बैठक में इन कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विचार किया गया, ताकि मेले में आने वाले लोगों को मनोरंजन के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों का आनंद मिल सके।

भीड़ प्रबंधन और आगंतुकों की सहायता के लिए स्वयंसेवकों की टीम भी तैयार की गई है। समिति का प्रयास है कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और दर्शकों को सुविधाजनक माहौल मिले।

समिति के पदाधिकारियों ने तैयारियों की जानकारी दी

मेला कमेटी के संयोजक मुकेश साहू, श्री गोपाल गौशाला के कार्यकारी अध्यक्ष प्रदीप डोकानिया और सचिव प्रवीण बागड़िया ने संयुक्त रूप से बताया कि 129वें गोपाष्टमी मेले का ऐतिहासिक महत्व है। इसे यादगार बनाने के लिए सुरक्षा, प्रशासनिक समन्वय, झूलों की सुरक्षा, फूलों की सजावट और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

बैठक में प्रमोद अग्रवाल, बांके बिहारी शर्मा, पवन कंधवे, संजय भदौलिया, राजेश छापरिया, नीलू केडिया, गौतम सोनी, संतोष चौरसिया, इरफान आलम, बिमल केडिया, संजय दंगाइच, अनिल अग्रवाल और अशोक बगड़िया सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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