Friday, October 30, 2026

सारण में पुलिस की लापरवाही पर कोर्ट सख्त, SSP से मांगा जवाब; थानेदार पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश

Share

BharatSuperFastNews | छपरा, सारण

छपरा न्यूज: बिहार के सारण जिले में एक आपराधिक मामले की जांच से जुड़े दस्तावेज समय पर न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किए जाने पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। दाउदपुर थाना कांड संख्या 200/26 में केस डायरी अधूरी होने और जख्म प्रतिवेदन स्पष्ट नहीं होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) को पत्र भेजा है। साथ ही संबंधित अनुसंधानकर्ता और थानाध्यक्ष की भूमिका की जांच कर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

बार-बार निर्देश के बाद भी दूर नहीं हुईं खामियां

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दाउदपुर थाना कांड संख्या 200/26 से संबंधित मामले में केस डायरी अधूरी पाई गई थी। वहीं, जख्म प्रतिवेदन भी पढ़ने योग्य स्थिति में नहीं था। न्यायालय ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को दस्तावेजों में सुधार कर उन्हें दोबारा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।

बताया गया है कि कई बार आदेश दिए जाने के बावजूद आवश्यक दस्तावेज निर्धारित तरीके से न्यायालय में नहीं भेजे गए। इस लापरवाही से मामले की सुनवाई की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हुई।

हाईकोर्ट में लंबित मामले को लेकर बढ़ी सख्ती

इस प्रकरण से जुड़ी क्रिमिनल मिसलेनियस संख्या 72345/26 पटना हाईकोर्ट में दाखिल है। मामले की सुनवाई सुचारु रूप से हो सके, इसके लिए आवश्यक अभिलेख समय पर उपलब्ध कराना जरूरी है।

इसी को ध्यान में रखते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश-11 अंबिका प्रसाद चौधरी ने सारण के SSP को पत्र जारी कर जरूरी कार्रवाई करने को कहा है। निर्देश के अनुसार, दाउदपुर थाना कांड की पूरी और अद्यतन केस डायरी, त्रुटिरहित कांड दैनिकी तथा संबंधित जख्म प्रतिवेदन की छायाप्रति सुनवाई से पहले पटना हाईकोर्ट में प्रस्तुत की जानी है।

अनुसंधानकर्ता और थानाध्यक्ष की भूमिका की होगी जांच

न्यायालय ने संबंधित अनुसंधानकर्ता और थानाध्यक्ष की कार्यशैली तथा कर्तव्य निर्वहन में हुई कथित लापरवाही की जांच कराने का निर्देश दिया है। साथ ही दोष सामने आने पर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने और उसकी जानकारी न्यायालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है।

न्यायिक प्रक्रिया में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

अदालत के निर्देश का उद्देश्य जरूरी दस्तावेजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और मामले की सुनवाई में आ रही बाधाओं को दूर करना है। अब संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच और आवश्यक अभिलेख हाईकोर्ट में प्रस्तुत किए जाने को लेकर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

BharatSuperFastNews की नजर इस मामले में आगे होने वाली कार्रवाई पर बनी रहेगी।

Read more

Local News