कैमूर, 26 अक्टूबर 2026। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सोमवार को कैमूर जिले के भभुआ प्रखंड स्थित परसिया पहुंचे। यहां चातुर्मास महायज्ञ के समापन पर आयोजित धर्म सम्मेलन में उन्होंने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया और संत श्रीलक्ष्मीप्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज से आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने बिहार को विकसित और समृद्ध राज्य बनाने तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने की बात कही।
भारत को लेकर मुख्यमंत्री ने कही बड़ी बात
धर्म सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि भारत अब केवल ‘सोने की चिड़िया’ नहीं, बल्कि ‘सोने का शेर’ बनेगा, जिसकी आवाज पूरी दुनिया में गूंजेगी।
उन्होंने कहा कि बिहार को विकास और समृद्धि के रास्ते पर आगे ले जाना सरकार का संकल्प है। राज्य में उद्योग-धंधों का विस्तार किया जाएगा, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें और लोगों को काम की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख कम करना पड़े।
संतों से लिया आशीर्वाद, आध्यात्मिक विरासत पर दिया जोर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने संत श्रीलक्ष्मीप्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज से आशीर्वाद लिया और मंच पर उपस्थित अन्य संतों का अभिवादन किया।
उन्होंने कैमूर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मां मुंडेश्वरी की पावन धरती है। बिहार के विकास के साथ राज्य की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करना भी महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, धर्म और आस्था से जुड़े आयोजन समाज में आपसी जुड़ाव और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने में भूमिका निभाते हैं।
उद्योग और पर्यटन के विकास पर जोर
चातुर्मास महायज्ञ के समापन पर आयोजित धर्म सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रगति के लिए औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने रोजगार के अवसर बढ़ाने और बिहार को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के संकल्प को दोहराया। कार्यक्रम में संतों का आशीर्वाद लेने के साथ मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने की बात रखी।
BHARAT SUPERFAST NEWS
