रांची | 22 अक्टूबर 2026
Jharkhand News: झारखंड में सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के मानदेय में वृद्धि के बाद अब रिनपास, कांके में कार्यरत DNB प्रशिक्षणार्थी डॉक्टरों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग ने उनके मानदेय पुनरीक्षण से संबंधित फाइल को विभागीय स्तर पर मंजूरी दे दी है।
यह कार्रवाई स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की पहल पर की गई है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने प्रस्ताव से जुड़ी फाइल को मंजूरी दिए जाने की पुष्टि की है। हालांकि, रिनपास के DNB डॉक्टरों के लिए संशोधित मानदेय की अंतिम दर और इसे लागू करने की तारीख अभी स्पष्ट नहीं है।
जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के मानदेय में हुई वृद्धि
राज्य सरकार के संकल्प के अनुसार, सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों और अस्पतालों में कार्यरत जूनियर रेजिडेंट (एकेडमिक) डॉक्टरों के मासिक मानदेय में बढ़ोतरी की गई है।
संशोधित दरों के अनुसार:
- प्रथम वर्ष: 54,500 रुपये से बढ़कर 70,000 रुपये प्रतिमाह।
- द्वितीय वर्ष: 58,500 रुपये से बढ़कर 75,000 रुपये प्रतिमाह।
- तृतीय वर्ष: 63,000 रुपये से बढ़कर 80,000 रुपये प्रतिमाह।
इस संशोधन के बाद डॉक्टरों को उनके प्रशिक्षण वर्ष के अनुसार हर महीने 15,500 से 17,000 रुपये तक अतिरिक्त मानदेय मिलेगा।
रिनपास के DNB डॉक्टरों को कितने रुपये मिलते हैं?
रिनपास में कार्यरत DNB प्रशिक्षणार्थी डॉक्टर लंबे समय से निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप मानदेय में संशोधन की मांग कर रहे थे। उपलब्ध विभागीय विवरण के अनुसार, ब्रॉड स्पेशियलिटी DNB प्रशिक्षणार्थियों के लिए निर्धारित न्यूनतम मासिक मानदेय इस प्रकार है:
| प्रशिक्षण का वर्ष | निर्धारित मानदेय |
|---|---|
| ब्रॉड स्पेशियलिटी DNB प्रथम वर्ष | ₹43,000 |
| ब्रॉड स्पेशियलिटी DNB द्वितीय वर्ष | ₹45,000 |
| ब्रॉड स्पेशियलिटी DNB तृतीय वर्ष | ₹47,000 |
| पोस्ट-डिप्लोमा DNB प्रथम वर्ष | ₹45,000 |
| पोस्ट-डिप्लोमा DNB द्वितीय वर्ष | ₹47,000 |
स्वास्थ्य विभाग की ओर से संबंधित प्रस्ताव पर कार्रवाई होने के बाद प्रशिक्षणार्थी डॉक्टरों को मानदेय में बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि, ऊपर दी गई दरें मौजूदा निर्धारित मानदेय से संबंधित हैं। इन्हें रिनपास के लिए मंजूर नई दरें नहीं माना जाना चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों के मनोबल पर दिया जोर
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि डॉक्टर स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके सम्मान में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। सरकार का उद्देश्य डॉक्टरों को बेहतर कार्य-परिस्थितियां उपलब्ध कराने के साथ मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज सुनिश्चित करना है।
उन्होंने रिनपास जैसे संस्थानों के महत्व पर भी जोर दिया, जहां मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों का उपचार किया जाता है। ऐसे संस्थानों को मजबूत बनाने के लिए डॉक्टरों की उपलब्धता, बेहतर सुविधाओं और उपचार की गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में कदम
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के अनुसार, राज्य सरकार डॉक्टरों का मनोबल बढ़ाने और उन्हें बेहतर कार्य-परिस्थितियां उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मानदेय में संशोधन से डॉक्टरों को प्रोत्साहन मिलने और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में राज्य सरकार चिकित्सा संस्थानों को सुदृढ़ करने और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने की दिशा में काम कर रही है।
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