Sunday, October 18, 2026

बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की ट्रेनिंग, AI से पढ़ाने और उत्तर पुस्तिकाएं जांचने की सीखेंगे तकनीक

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पटना। बिहार में उच्च शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और अंगीभूत महाविद्यालयों के प्राध्यापकों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के गुरु दक्षता कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल में नई शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षण पद्धति विकसित करने के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सूचना एवं संचार तकनीक (ICT) के इस्तेमाल पर भी जोर रहेगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का शेड्यूल बिहार राज्य उच्च शिक्षा परिषद तैयार कर रही है। निर्धारित कार्यक्रम को अंतिम रूप दिए जाने के बाद इसे सभी विश्वविद्यालयों को भेजा जाएगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नवंबर से पहले विश्वविद्यालय स्तर पर प्रशिक्षण शुरू करने की योजना है। इसके अलावा महाविद्यालयों में भी प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।

UGC के गुरु दक्षता कार्यक्रम से प्रशिक्षित होंगे प्राध्यापक

राज्य के उच्च शिक्षा विभाग की योजना के तहत गुरु दक्षता कार्यक्रम को अब व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा। पहले यह कार्यक्रम मुख्य रूप से पटना विश्वविद्यालय में संचालित हो रहा था। अब राज्यपाल के निर्देश पर इसे बिहार के सभी विश्वविद्यालयों और अंगीभूत महाविद्यालयों तक विस्तार देने की तैयारी है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों की शैक्षणिक क्षमता को मजबूत करना और उन्हें बदलती शिक्षा व्यवस्था के अनुरूप तैयार करना है। प्रशिक्षण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, व्यावसायिक दक्षता, नैतिकता और मानवीय मूल्यों जैसे विषयों को भी महत्व दिया जाएगा।

AI की मदद से पढ़ाने और कॉपी जांचने की ट्रेनिंग

बिहार के विश्वविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को लेकर भी तैयारी चल रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत शिक्षण कार्य, प्रश्नपत्र तैयार करने और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन जैसे क्षेत्रों में AI की मदद लेने की योजना है।

ऐसे में शिक्षकों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि नई तकनीक का उपयोग शैक्षणिक कार्यों में किस तरह किया जा सकता है। इसका उद्देश्य शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना और तकनीक के उपयोग को व्यवस्थित करना है।

हालांकि, AI से जुड़े शैक्षणिक कार्यों में तकनीक की भूमिका, मूल्यांकन की प्रक्रिया और शिक्षकों की जिम्मेदारी को लेकर अंतिम दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा।

बिहार राज्य उच्च शिक्षा परिषद बना रही प्रशिक्षण का शेड्यूल

प्रशिक्षण कार्यक्रम को लागू करने के लिए बिहार राज्य उच्च शिक्षा परिषद समय-सारणी तैयार कर रही है। कार्यक्रम का विस्तृत शेड्यूल तैयार होने के बाद इसे संबंधित विश्वविद्यालयों को उपलब्ध कराया जाएगा।

योजना के अनुसार, विश्वविद्यालयों के साथ अंगीभूत महाविद्यालयों में भी प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। इससे राज्य के अलग-अलग संस्थानों में कार्यरत प्राध्यापकों को प्रशिक्षण कार्यक्रम से जोड़ने में मदद मिलेगी।

नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार होंगे शिक्षक

नई शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा में शिक्षण के तरीकों, तकनीकी संसाधनों और शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। इसी दिशा में प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराया जाएगा।

AI और ICT के उपयोग पर प्रशिक्षण मिलने से प्राध्यापकों को डिजिटल माध्यमों से पढ़ाने और शैक्षणिक कार्यों में तकनीक अपनाने की जानकारी मिलेगी।

इस पहल के जरिए बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था को बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की कोशिश की जा रही है। प्रशिक्षण की वास्तविक समय-सारणी और AI नीति से जुड़े विस्तृत नियम संबंधित विभागों के आधिकारिक निर्देश जारी होने के बाद स्पष्ट होंगे।

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