पटना, 15 अक्टूबर 2026: पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने वर्ष 2020 में हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले में बुधवार को पटना की अदालत में आत्मसमर्पण किया। इसके बाद उन्होंने जमानत के लिए आवेदन दिया, जिसे एसीजेएम-15 प्रीति राय की अदालत ने मंजूर कर लिया। इस फैसले से उन्हें मामले में राहत मिली है।
यह मामला कोरोना काल के दौरान सरकारी दिशा-निर्देशों के कथित उल्लंघन और प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन करने से संबंधित है। घटना के संबंध में गांधी मैदान थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
गांधी मैदान के पास प्रदर्शन से जुड़ा है मामला
मामला गांधी मैदान थाना कांड संख्या 225/2020 से संबंधित बताया गया है। पप्पू यादव के अधिवक्ता विजय आनंद के मुताबिक, यह घटना 2 नवंबर 2020 की है।
आरोप के अनुसार, उस दिन पप्पू यादव करीब 150 से 200 लोगों के साथ गांधी मैदान के पास पहुंचे थे। उस समय वहां शिक्षा कर्मी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
शिक्षा कर्मियों की मांगों के समर्थन में हुई थी नारेबाजी
मिली जानकारी के मुताबिक, महाविद्यालयों के वित्त रहित शिक्षा कर्मी अपनी मांगों के समर्थन में बैनर लेकर जुटे थे। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी हुई थी।
इसी घटनाक्रम को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। मामले में प्रदर्शन के दौरान मौजूद लोगों की संख्या लगभग 150 से 200 बताई गई है।
कोरोना काल में नियमों के उल्लंघन का आरोप
पप्पू यादव के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में कोरोना काल के दौरान सरकारी निर्देशों के कथित उल्लंघन, प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन और जुलूस निकालने से जुड़े आरोप शामिल बताए गए हैं।
मामले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई थी। इसके बाद यह प्रकरण न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ा।
आत्मसमर्पण के बाद अदालत ने मंजूर की जमानत अर्जी
बुधवार को अदालत में आत्मसमर्पण करने के बाद पप्पू यादव की ओर से जमानत याचिका दाखिल की गई। सुनवाई के बाद एसीजेएम-15 प्रीति राय की अदालत ने उनकी अर्जी स्वीकार कर ली।
इस तरह वर्ष 2020 के प्रदर्शन से जुड़े मामले में आत्मसमर्पण के बाद उन्हें जमानत मिल गई। मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत के निर्देशों के अनुसार चलेगी।
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