पटना, 15 अक्टूबर 2026: बिहार में रबी फसलों की खेती का क्षेत्र बढ़ाने और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करने के लिए राज्य सरकार ने अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को रबी महाअभियान जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ राज्य के विभिन्न जिलों में जाकर किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, उन्नत कृषि पद्धतियों और रबी फसलों की खेती से जुड़ी जानकारी देगा।
सरकार ने इस वर्ष बिहार में 48 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसलों की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया है। पिछले वर्ष लगभग 42 लाख हेक्टेयर में रबी फसलों की खेती हुई थी। इस बार लक्ष्य में छह लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी की गई है।
गेहूं की खेती के लिए 24 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य
रबी महाअभियान के तहत अलग-अलग फसलों के लिए क्षेत्रवार लक्ष्य तय किए गए हैं। इसमें गेहूं की खेती को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है।
निर्धारित लक्ष्य के अनुसार:
- गेहूं: 24 लाख हेक्टेयर
- रबी मक्का: 6 लाख हेक्टेयर
- दलहन: 5 लाख हेक्टेयर
- तिलहन: 4 लाख हेक्टेयर
- आलू, सब्जियां, मसाले और अन्य फसलें: 9 लाख हेक्टेयर
इन लक्ष्यों के जरिए राज्य में रबी फसलों का उत्पादन बढ़ाने और कृषि क्षेत्र के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है।
लक्ष्य को जमीन पर उतारने पर मुख्यमंत्री का जोर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि खेती के लिए तय किए गए लक्ष्य केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका वास्तविक परिणाम खेतों में दिखाई देना चाहिए।
उन्होंने लक्ष्य हासिल करने के लिए जिलों, प्रखंडों और पंचायतों में नियमित समीक्षा करने तथा सामने आने वाली कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। जागरूकता रथ के माध्यम से किसानों तक योजनाओं और कृषि संबंधी जानकारियों को पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
दलहन-तिलहन और प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार मसूर, चना और सरसों जैसी फसलों की खेती को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके साथ ही किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करने की योजना है।
प्राकृतिक खेती को भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। सरकार का उद्देश्य कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए खेती की बेहतर पद्धतियों को अपनाने के अवसर उपलब्ध कराना है।
कृषि में युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कृषि विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों में विकसित तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि कृषि से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं हैं।
कृषि यंत्रों, बीज उत्पादन, मशरूम की खेती, नर्सरी, ड्रोन तकनीक, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि उत्पादों के विपणन जैसे क्षेत्रों में काम के अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
इसके अलावा महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने पर भी जोर दिया गया, ताकि वे कृषि आधारित गतिविधियों के माध्यम से अपनी आय बढ़ा सकें।
किसानों तक जानकारी पहुंचाने पर रहेगा फोकस
रबी महाअभियान के तहत जागरूकता रथ के जरिए किसानों को फसल चयन, बीज की गुणवत्ता और आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में जानकारी देने की योजना है। अब अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कितने क्षेत्र में बुआई होती है और किसानों तक योजनाओं का लाभ कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचता है।
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