रांची | 13 अक्टूबर 2026: झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से तीन साल के लिए निष्कासित कर दिया है। पार्टी ने यह कदम अनुशासनहीनता और गठबंधन सरकार व मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयानों को लेकर उठाया है। प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने निष्कासन का आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया है।
प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा के मुताबिक, योगेंद्र साव की ओर से मीडिया में लगातार ऐसे बयान दिए जा रहे थे, जिन्हें पार्टी ने आपत्तिजनक, अपमानजनक और व्यक्तिगत टिप्पणी की श्रेणी में माना। इस मामले में पहले उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
20 सितंबर को जारी हुआ था कारण बताओ नोटिस
राकेश सिन्हा ने बताया कि योगेंद्र साव को 20 सितंबर 2026 को कारण बताओ नोटिस भेजा गया था। पार्टी ने उनसे गठबंधन सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ दिए गए कथित बयानों को लेकर जवाब मांगा था।
योगेंद्र साव की ओर से दिए गए जवाब, 26 सितंबर को हुई व्यक्तिगत सुनवाई और प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद निष्कासन का फैसला लिया गया। पार्टी नेतृत्व ने इसे अनुशासन बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बताया है।
पहले भी पार्टी से निष्कासित हो चुके हैं योगेंद्र साव
प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी के अनुसार, योगेंद्र साव पर इससे पहले भी अनुशासनहीनता के मामले में कार्रवाई हो चुकी है। उन्हें 20 मार्च 2026 को पार्टी से निष्कासित किया गया था।
हालांकि, बाद में अनुशासन का पालन करने का भरोसा देने और खेद जताने के बाद 25 जून 2026 को उन्हें दोबारा कांग्रेस में शामिल कर लिया गया था। पार्टी का कहना है कि इसके बावजूद फिर से कथित आपत्तिजनक बयान देने और निर्देशों की अवहेलना करने के कारण दोबारा कार्रवाई करनी पड़ी।
झारखंड कांग्रेस में अनुशासन का मुद्दा फिर चर्चा में
योगेंद्र साव के तीन साल के निष्कासन से झारखंड कांग्रेस में अनुशासन और पार्टी नेतृत्व के निर्देशों के पालन का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। पार्टी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पहले नोटिस, जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई की प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह फैसला लिया गया।
अब इस मामले में योगेंद्र साव की प्रतिक्रिया और आगे की राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रहेगी।
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