पटना | 13 अक्टूबर 2026: बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों की संख्या पिछले 10 वर्षों में 46 लाख से अधिक बढ़ गई है। इन योजनाओं के माध्यम से राज्य के बुजुर्गों, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों को आर्थिक सहायता दी जाती है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2016-17 में छह प्रमुख योजनाओं के कुल लाभार्थियों की संख्या 62,31,477 थी, जो सितंबर 2026 तक बढ़कर 1,08,36,005 हो गई।
इस अवधि में कुल 46,04,528 लाभार्थियों की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, सभी योजनाओं में लाभार्थियों की संख्या नहीं बढ़ी है। कुछ योजनाओं में लाभार्थियों की संख्या में गिरावट भी दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना में 58 लाख से अधिक लाभार्थी
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के तहत सितंबर 2026 तक 58,31,921 लाभार्थी दर्ज किए गए। यह योजना वर्ष 2019-20 में शुरू की गई थी।
वृद्धजन पेंशन योजना का उद्देश्य पात्र बुजुर्गों को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सके।
दिव्यांगता और लक्ष्मीबाई पेंशन योजना में भी बढ़े लाभार्थी
बिहार निशक्तता पेंशन योजना और लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में भी पिछले वर्षों के मुकाबले लाभार्थियों की संख्या बढ़ी है।
आंकड़ों के अनुसार:
- बिहार निशक्तता पेंशन योजना: वित्तीय वर्ष 2016-17 में 6,97,752 लाभार्थी थे। सितंबर 2026 तक यह संख्या बढ़कर 9,40,880 हो गई।
- लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना: वर्ष 2016-17 में 5,60,879 लाभार्थी थे। सितंबर 2026 तक इनकी संख्या बढ़कर 9,02,981 दर्ज की गई।
इन आंकड़ों से दोनों योजनाओं में लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि का संकेत मिलता है।
विधवा पेंशन योजना में भी हुई बढ़ोतरी
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के तहत भी लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है।
वित्तीय वर्ष 2016-17 में इस योजना से 5,49,226 लोग लाभान्वित हो रहे थे। सितंबर 2026 तक यह संख्या बढ़कर 5,56,246 हो गई। इस तरह संबंधित अवधि में 7,020 लाभार्थियों की वृद्धि हुई।
यह योजना पात्र विधवा महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जाती है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निशक्तता पेंशन योजना में घटी संख्या
जहां कुछ योजनाओं में लाभार्थियों की संख्या बढ़ी है, वहीं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निशक्तता पेंशन योजना में गिरावट दर्ज की गई है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2016-17 में इस योजना के 1,16,539 लाभार्थी थे। सितंबर 2026 तक यह संख्या घटकर 88,359 रह गई।
इस अवधि में लाभार्थियों की संख्या में 28,180 की कमी आई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस गिरावट के कारणों का उल्लेख नहीं है। इसके पीछे पात्रता की समीक्षा, रिकॉर्ड में बदलाव या अन्य कारण हैं या नहीं, इसकी पुष्टि संबंधित विभाग के आंकड़ों से ही हो सकती है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में भी आई गिरावट
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभार्थियों की संख्या में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
वित्तीय वर्ष 2016-17 में इस योजना के तहत 43,07,081 लाभार्थी थे। सितंबर 2026 तक यह संख्या घटकर 25,15,618 रह गई।
इस तरह उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, योजना में लाभार्थियों की संख्या 17,91,463 कम हुई। हालांकि, आंकड़े यह स्पष्ट नहीं करते कि इस बदलाव के पीछे क्या कारण रहे हैं।
बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का क्या है उद्देश्य?
बिहार में संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र लोगों को सहायता उपलब्ध कराना है। इनमें बुजुर्गों, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए अलग-अलग योजनाएं शामिल हैं।
इन योजनाओं के माध्यम से लाभार्थियों को नियमित आर्थिक मदद देने का प्रयास किया जाता है। पिछले 10 वर्षों के आंकड़े छह प्रमुख योजनाओं में कुल लाभार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दिखाते हैं। वहीं, कुछ योजनाओं में आई कमी के कारणों को समझने के लिए विस्तृत विभागीय जानकारी जरूरी है।
बिहार में वर्ष 2016-17 से सितंबर 2026 तक छह प्रमुख सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के कुल लाभार्थियों की संख्या 62.31 लाख से बढ़कर 1.08 करोड़ से अधिक हो गई। इस दौरान 46.04 लाख से ज्यादा लाभार्थियों की वृद्धि दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन, बिहार निशक्तता पेंशन और लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में लाभार्थियों की संख्या बढ़ी है। इसके विपरीत, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निशक्तता पेंशन और राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में कमी दर्ज की गई। इन बदलावों के कारणों को स्पष्ट करने के लिए विभागीय स्तर पर विस्तृत आंकड़ों और आधिकारिक स्पष्टीकरण की जरूरत होगी।
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