मुंबई, 13 अक्टूबर 2026: सोमवार की भारी गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत तेजी के साथ हुई। आईटी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी और HDFC Bank में मजबूती से बाजार को सहारा मिला। शुरुआती कारोबार में BSE सेंसेक्स 305 अंक चढ़ा, जबकि NSE निफ्टी में 93 अंक से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।
बीते कारोबारी सत्र में बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। ऐसे में मंगलवार की तेजी से निवेशकों को कुछ राहत मिली। हालांकि, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की आशंका है।
शेयर बाजार की शुरुआत कैसी रही?
मंगलवार को शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांकों ने बढ़त के साथ शुरुआत की।
| बाजार सूचकांक | शुरुआती कारोबार का स्तर | बढ़त |
|---|---|---|
| BSE सेंसेक्स | 72,224.15 | 305 अंक |
| NSE निफ्टी | 22,458.50 | 93.40 अंक |
सोमवार को सेंसेक्स लगभग 547 अंक गिरकर बंद हुआ था। इसके बाद मंगलवार को आई तेजी को बाजार में शुरुआती रिकवरी के रूप में देखा गया।
हालांकि, शुरुआती कारोबार की तेजी को पूरे दिन के प्रदर्शन का संकेत नहीं माना जा सकता। बाजार की आगे की दिशा घरेलू खरीदारी, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगी।
HCL Technologies के नतीजों से IT शेयरों में उत्साह
मंगलवार को बाजार में आई तेजी के पीछे आईटी सेक्टर की मजबूत शुरुआत एक प्रमुख वजह रही। HCL Technologies के शेयर शुरुआती कारोबार में लगभग 5 प्रतिशत तक चढ़ गए।
रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर के नतीजों में मुनाफे में अच्छी वृद्धि दर्ज की। कंपनी का लाभ 21.18 प्रतिशत बढ़कर 5,132 करोड़ रुपये बताया गया है।
रिपोर्ट में बेहतर एआई परियोजनाओं से होने वाली आय और कर संबंधी राहत को मुनाफे में वृद्धि की प्रमुख वजहों में शामिल किया गया है।
HCL Tech में खरीदारी का सकारात्मक असर अन्य आईटी शेयरों पर भी देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में TCS, टेक महिंद्रा और इन्फोसिस जैसे शेयरों में भी खरीदारी दर्ज की गई।
इसके अलावा ट्रेंट और HDFC Bank के शेयरों में मजबूती ने बाजार को सहारा दिया।
किन शेयरों में रही गिरावट?
जहां आईटी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, वहीं कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयर दबाव में रहे।
शुरुआती कारोबार में NTPC, पावर ग्रिड, मारुति सुजुकी और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
इन शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार की तेजी पर कुछ दबाव भी बना रहा। ऐसे में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कारोबार आगे बढ़ने के साथ किन सेक्टरों में खरीदारी बढ़ती है और किन शेयरों में बिकवाली जारी रहती है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से मिली राहत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत का संकेत हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमत लगभग 1.08 प्रतिशत गिरकर 105.5 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई।
भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में कमी से आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव कम होने की संभावना बन सकती है।
हालांकि, तेल की कीमतों में थोड़े समय की गिरावट से अर्थव्यवस्था या शेयर बाजार पर पड़ने वाला वास्तविक असर कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करता है।
ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेत
घरेलू बाजार में तेजी के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजारों से संकेत पूरी तरह सकारात्मक नहीं रहे।
रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार कमजोरी के साथ बंद हुए। मंगलवार को जापान, चीन, दक्षिण कोरिया और हांगकांग के बाजारों में भी गिरावट का रुख देखने को मिला।
वैश्विक बाजारों में कमजोरी का असर भारतीय निवेशकों की धारणा पर पड़ सकता है। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs की लगातार बिकवाली भी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
FIIs ने सोमवार को बेचे 1,708 करोड़ रुपये के शेयर
रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में 1,708.48 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार पर दबाव बढ़ सकता है, खासकर तब जब घरेलू संस्थागत निवेशकों और खुदरा निवेशकों की खरीदारी इस दबाव की भरपाई नहीं कर पाती।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी निवेशकों के रुख, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर आगे भी निवेशकों की नजर रहेगी।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
मंगलवार को शुरुआती तेजी से बाजार में सुधार के संकेत जरूर मिले, लेकिन केवल एक कारोबारी सत्र के आधार पर बाजार की दिशा तय करना उचित नहीं होगा।
निवेशकों को इन प्रमुख कारकों पर नजर रखनी चाहिए:
- कंपनियों के तिमाही नतीजे: आईटी सहित विभिन्न सेक्टरों की आय और मुनाफे से शेयरों की चाल प्रभावित हो सकती है।
- विदेशी निवेशकों की गतिविधियां: FIIs की खरीदारी या बिकवाली बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकती है।
- कच्चे तेल की कीमतें: तेल की कीमतों में बदलाव भारतीय कंपनियों की लागत और महंगाई को प्रभावित कर सकता है।
- वैश्विक बाजार: अमेरिकी और एशियाई बाजारों का रुख घरेलू बाजार की धारणा पर असर डाल सकता है।
निवेश का निर्णय लेते समय अपनी वित्तीय स्थिति, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश के उद्देश्य को ध्यान में रखना जरूरी है।
निष्कर्ष
सोमवार की गिरावट के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की। HCL Technologies के बेहतर तिमाही नतीजों और आईटी शेयरों में खरीदारी से सेंसेक्स 305 अंक चढ़कर 72,224.15 पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 93.40 अंक की बढ़त के साथ 22,458.50 पर कारोबार करता दिखा।
हालांकि, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक बाजारों में कमजोरी के कारण बाजार की आगे की चाल अनिश्चित बनी रह सकती है। निवेशकों के लिए तिमाही नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेश के रुझान पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
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