रांची: दुर्गा पूजा के उत्साह के बीच झारखंड में अगले कुछ दिनों तक मौसम लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय पूर्वानुमान के मुताबिक, 11 से 13 अक्टूबर तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है। ऐसे में पूजा पंडालों में दर्शन के लिए निकलने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
राजधानी रांची सहित कई शहरों में दुर्गा पूजा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पंडालों में सजावट और अन्य व्यवस्थाएं पूरी की जा रही हैं। इस दौरान मौसम खराब होने पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और अस्थायी संरचनाओं की मजबूती पर विशेष ध्यान देना जरूरी होगा।
रांची में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम केंद्र रांची के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रविवार को अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया गया था।
इस दौरान आसमान में बादल छाने और कुछ स्थानों पर गरज-चमक की गतिविधियां होने की संभावना है। इसलिए घर से निकलने से पहले मौसम का ताजा पूर्वानुमान देखना उपयोगी रहेगा।
तीन दिनों तक किन इलाकों में असर पड़ सकता है?
11 अक्टूबर को जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 11, 12 और 13 अक्टूबर को झारखंड के कुछ हिस्सों में खराब मौसम की स्थिति बन सकती है। इस दौरान बिजली चमकने और तेज हवा चलने की आशंका जताई गई है।
12 अक्टूबर को रांची, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, लोहरदगा और गुमला सहित कई इलाकों में मौसम प्रभावित हो सकता है। वहीं, 13 अक्टूबर को रांची, रामगढ़, हजारीबाग और लोहरदगा समेत मध्य तथा उत्तर-पश्चिमी झारखंड के कुछ क्षेत्रों में इसका असर देखने को मिल सकता है।
हालांकि, मौसम की स्थिति जिले और इलाके के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। इसलिए स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।
पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था पर देना होगा ध्यान
तेज हवा चलने की स्थिति में पंडालों के आसपास लगाए गए बैनर, होर्डिंग, सजावटी सामान और अस्थायी ढांचे प्रभावित हो सकते हैं। बारिश होने पर रास्तों में फिसलन और कीचड़ की समस्या भी पैदा हो सकती है।
ऐसे हालात को देखते हुए पूजा समितियों को बिजली के अस्थायी कनेक्शन, तारों, जनरेटर और रोशनी की व्यवस्था की जांच करनी चाहिए। साथ ही, पंडाल में प्रवेश और बाहर निकलने के रास्ते स्पष्ट रखने तथा भीड़ को व्यवस्थित करने की तैयारी भी जरूरी है।
श्रद्धालुओं को भी मौसम बिगड़ने पर खुले स्थानों में रुकने से बचना चाहिए और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करना चाहिए।
शाम को पंडाल घूमने वाले बरतें अतिरिक्त सावधानी
दुर्गा पूजा के दौरान शाम और रात में पंडालों में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। यदि इसी समय तेज हवा, बारिश या आकाशीय बिजली की गतिविधि होती है, तो परेशानी बढ़ सकती है।
परिवार के साथ पूजा घूमने वाले लोगों को बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। मौसम अचानक बिगड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाएं और पूजा समिति या प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।
मानसून लौटने के बाद भी क्यों हो सकती है बारिश?
झारखंड से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी अक्टूबर के पहले सप्ताह में शुरू हो गई थी। उपलब्ध मौसम रिपोर्टों के मुताबिक, इस साल राज्य में मानसून की वापसी 3 अक्टूबर से शुरू हुई और कई जिलों से मानसून पीछे हटने लगा था।
हालांकि, मानसून की वापसी का मतलब यह नहीं है कि बारिश या गरज-चमक की गतिविधियां तुरंत समाप्त हो जाएंगी। स्थानीय वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण मानसून की वापसी के दौरान और उसके बाद भी कुछ इलाकों में बारिश, बिजली चमकने या तेज हवा चलने जैसी स्थिति बन सकती है।
14 अक्टूबर के बाद फिलहाल राहत के संकेत
11 अक्टूबर को जारी क्षेत्रीय पूर्वानुमान में 11 से 13 अक्टूबर तक मौसम को लेकर चेतावनी दी गई थी। इसके बाद 14 से 17 अक्टूबर के लिए संबंधित पूर्वानुमान में कोई मौसम चेतावनी दर्ज नहीं थी। इससे फिलहाल 14 अक्टूबर के बाद राहत की संभावना नजर आती है।
हालांकि, मौसम का पूर्वानुमान बदल सकता है। इसलिए पूजा के दौरान यात्रा या पंडाल जाने की योजना बनाने से पहले मौसम विभाग की ताजा जानकारी जरूर देखें।
श्रद्धालु इन बातों का रखें ध्यान
- आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान में खड़े न रहें।
- पेड़ों, बिजली के खंभों और असुरक्षित अस्थायी ढांचों से दूरी बनाए रखें।
- पंडालों में तय प्रवेश और निकास मार्गों का इस्तेमाल करें।
- तेज हवा या बारिश के दौरान भीड़ वाले खुले स्थानों पर रुकने से बचें।
- मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
दुर्गा पूजा के दौरान सावधानी बरतने से श्रद्धालु अपनी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए उत्सव का आनंद ले सकते हैं।
