Friday, October 9, 2026

शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 879 अंक चढ़ा; निफ्टी 22,520 पर बंद.

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मुंबई: लगातार दो कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद शुक्रवार, 9 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार वापसी देखने को मिली। आईटी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और बाजार में बेहतर माहौल से प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए।

कारोबार के अंत में BSE सेंसेक्स 879.09 अंक यानी 1.23 प्रतिशत बढ़कर 72,472.33 पर पहुंच गया। वहीं, NSE निफ्टी 50 में 288.65 अंकों यानी 1.30 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 22,520.45 के स्तर पर बंद हुआ।

आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा उत्साह

शुक्रवार के कारोबार में आईटी सेक्टर निवेशकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। दूसरी तिमाही के नतीजों की शुरुआती स्थिति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े कारोबार में संभावनाओं ने इस क्षेत्र के शेयरों को समर्थन दिया।

बाजार में दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भी खरीदारी का रुझान रहा। निफ्टी 50 में अपोलो हॉस्पिटल्स, ITC और आयशर मोटर्स प्रमुख बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में शामिल रहे।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बढ़त

तेजी का असर केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहा। छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों के शेयरों में भी खरीदारी देखी गई।

  • निफ्टी मिडकैप इंडेक्स: 1.56 प्रतिशत ऊपर
  • निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स: 0.54 प्रतिशत ऊपर

इसके उलट, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स कमजोर रहा। शुक्रवार को यह प्रमुख सेक्टोरल सूचकांकों में सबसे पीछे रहा।

डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती

शेयर बाजार की तेजी के साथ भारतीय रुपये में भी सुधार दर्ज किया गया। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 20 पैसे मजबूत होकर 96.73 के स्तर पर पहुंचा।

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित राजनयिक बातचीत को लेकर बढ़ती उम्मीदों से भी वैश्विक बाजारों की चिंताओं में कमी आने का संकेत मिला। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव का असर आगे भी बाजार पर पड़ सकता है।

अब महंगाई के आंकड़ों पर रहेगी नजर

आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों का ध्यान भारत के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) यानी खुदरा महंगाई के आंकड़ों पर रहेगा। इन आंकड़ों से महंगाई की स्थिति और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति को लेकर बाजार की उम्मीदों पर असर पड़ सकता है।

इसके साथ ही कंपनियों के दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे भी शेयरों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। शुक्रवार की तेजी के बाद बाजार में आगे भी खरीदारी जारी रहती है या नहीं, यह आने वाले कारोबारी सत्रों और आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगा।

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