Tuesday, October 6, 2026

SME Growth Fund को ₹10,000 करोड़ की मंजूरी, छोटे-मध्यम उद्योगों के विस्तार और रोजगार पर जोर.

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नई दिल्ली, 6 अक्टूबर 2026: केंद्र सरकार ने लघु एवं मध्यम उद्यमों (SMEs) के लिए 10,000 करोड़ रुपये के SME Growth Fund (SGF) को मंजूरी दी है। सरकार के मुताबिक इस पहल का उद्देश्य ऐसे छोटे और मध्यम कारोबारों को विकास के लिए दीर्घकालिक पूंजी उपलब्ध कराना है, जिन्हें कारोबार बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने और वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने के लिए अतिरिक्त निवेश की जरूरत होती है।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह फैसला केंद्रीय बजट 2026-27 में MSME क्षेत्र को मजबूत करने से जुड़ी घोषणाओं का हिस्सा है।

छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए विकास पूंजी का फोकस

सरकार के अनुसार मौजूदा कई फंड मुख्य रूप से शुरुआती चरण के कारोबार या माइक्रो उद्यमों को इक्विटी सहायता देते हैं। ऐसे में आगे बढ़ चुके छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए विकास के अगले चरण में पूंजी की उपलब्धता एक चुनौती बनी हुई थी।

SGF इसी अंतर को कम करने के लिए तैयार किया गया है। इसके तहत व्यावसायिक क्षमता और विस्तार की संभावना रखने वाले उद्यमों को विकास के लिए इक्विटी पूंजी उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

फंड का बड़ा हिस्सा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए

सरकारी योजना के मुताबिक SME Growth Fund का अधिकांश निवेश छोटे और मध्यम विनिर्माण उद्यमों पर केंद्रित रहेगा। साथ ही टियर-2 और टियर-3 शहरों में मौजूद औद्योगिक क्लस्टरों के SMEs को भी निवेश के लिए देखा जाएगा।

सरकार का मानना है कि ऐसे क्षेत्रों में पूंजी पहुंचने से स्थानीय औद्योगिक गतिविधियों और सप्लाई चेन को मजबूती मिल सकती है।

तकनीक और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मिलेगी मदद

दीर्घकालिक पूंजी मिलने पर योग्य SMEs अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने, आधुनिक तकनीक अपनाने और नए बाजारों में विस्तार की दिशा में निवेश कर सकेंगे।

इसके अलावा कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय मूल्य श्रृंखलाओं से जोड़ने और रणनीतिक निवेश के लिए भी इस फंड का इस्तेमाल किए जाने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार इससे प्रतिस्पर्धी भारतीय कंपनियों के विकास को गति मिल सकती है।

औद्योगिक क्लस्टरों में रोजगार पर जोर

सरकार ने SME Growth Fund को रोजगार सृजन से भी जोड़ा है। टियर-2 और टियर-3 शहरों के औद्योगिक क्लस्टरों में निवेश बढ़ने से स्थानीय स्तर पर सप्लाई चेन मजबूत होने और रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद जताई गई है।

विशेष रूप से विनिर्माण क्षेत्र में क्षमता विस्तार होने पर उत्पादन, तकनीक और संबंधित सेवाओं में काम के अवसर बढ़ सकते हैं।

10,000 करोड़ रुपये सरकार देगी

इस पहल के तहत भारत सरकार SGF ढांचे के अंतर्गत स्थापित Alternative Investment Fund (AIF) को कुल 10,000 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराएगी।

सरकार का कहना है कि यह निवेश ऐसे उद्यमों को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है, जिनमें विस्तार, नवाचार और प्रतिस्पर्धा की क्षमता मौजूद है।

MSME क्षेत्र के लिए पहले की पहलों से जुड़ेगा नया फंड

SME Growth Fund को सरकार की उन पहलों की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है, जिनमें डिजिटल बदलाव, ऋण सहायता, कारोबार शुरू करने में आसानी, सार्वजनिक खरीद और उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाएं शामिल हैं।

सरकार के अनुसार नए फंड का उद्देश्य केवल पूंजी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि विकास के महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुके SMEs को बड़े स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार करना है। इसके जरिए नवाचार, उत्पादन विस्तार और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा।

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