Tuesday, October 6, 2026

60 की उम्र के बाद हर महीने ₹3,000 पेंशन, पति-पत्नी दोनों उठा सकते हैं PM-KMY का फायदा.

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नई दिल्ली: किसानों के बुढ़ापे को आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY) चलाई जा रही है। यह योजना खास तौर पर छोटे और सीमांत किसानों के लिए बनाई गई है। पात्र किसान इसमें नियमित योगदान करके 60 वर्ष की उम्र के बाद हर महीने ₹3,000 पेंशन प्राप्त कर सकते हैं।

इस योजना की एक अहम बात यह है कि पात्रता पूरी करने पर पति और पत्नी दोनों अलग-अलग सदस्य के रूप में इसमें शामिल हो सकते हैं। यानी दोनों के नाम से योजना में पंजीकरण होने पर 60 वर्ष की उम्र के बाद दोनों को अलग-अलग मासिक पेंशन मिल सकती है।

क्या है प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना?

PM-KMY एक स्वैच्छिक और अंशदान आधारित पेंशन योजना है। इसमें शामिल होने के लिए किसान की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

योजना में किसान की उम्र के आधार पर मासिक योगदान तय होता है। यह राशि ₹55 से ₹200 प्रति माह तक हो सकती है। योजना के तहत केंद्र सरकार भी पात्र किसान के योगदान के बराबर राशि का अंशदान करती है।

कम उम्र में योजना से जुड़ने वाले किसानों को अपेक्षाकृत कम मासिक योगदान करना पड़ता है।

पति-पत्नी दोनों कैसे ले सकते हैं पेंशन?

अगर पति और पत्नी दोनों योजना की पात्रता पूरी करते हैं, तो वे अपने-अपने नाम से अलग पंजीकरण करा सकते हैं। दोनों को अपनी निर्धारित मासिक अंशदान राशि जमा करनी होगी।

योजना के नियमों के मुताबिक पात्र किसान को 60 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद ₹3,000 प्रतिमाह पेंशन मिलती है। इस तरह यदि परिवार के दोनों सदस्य अलग-अलग पात्र होकर योजना में शामिल हैं, तो दोनों को अलग-अलग पेंशन मिल सकती है।

किन किसानों के लिए है यह योजना?

PM-KMY मुख्य रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए है। योजना में शामिल होने के लिए संबंधित भूमि रिकॉर्ड और अन्य निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी है।

आवेदन करने से पहले किसान को यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि वह योजना की मौजूदा पात्रता शर्तों के अनुसार योग्य है।

सदस्य की मृत्यु होने पर क्या होता है?

योजना में शामिल किसान की 60 वर्ष की उम्र से पहले मृत्यु होने की स्थिति में उसके जीवनसाथी के लिए भी प्रावधान किया गया है। पात्र परिस्थितियों में जीवनसाथी योजना को जारी रखने का विकल्प चुन सकता है और निर्धारित अंशदान के आधार पर आगे लाभ प्राप्त कर सकता है।

योजना से बाहर निकलने या जमा राशि से जुड़े प्रावधानों के लिए संबंधित सरकारी नियम लागू होते हैं।

किन लोगों को नहीं मिलेगा लाभ?

जो व्यक्ति आयकर का भुगतान करते हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं। इसके अलावा कुछ अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लेने वाले व्यक्तियों को भी PM-KMY से बाहर रखा गया है। इनमें EPFO, ESIC और NPS जैसी योजनाएं शामिल हैं।

इसलिए आवेदन करने से पहले पात्रता की पूरी जानकारी जांचना जरूरी है।

आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत?

योजना में पंजीकरण के लिए किसान नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर संपर्क कर सकते हैं। आम तौर पर आवेदन के दौरान आधार कार्ड, बैंक खाते से संबंधित जानकारी और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है।

पंजीकरण कराने से पहले अपने दस्तावेज और बैंक विवरण सही होने की जांच कर लें, ताकि आवेदन प्रक्रिया में परेशानी न हो।

आवेदन करने से पहले जरूर जांचें

सरकारी योजनाओं के नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले पात्रता, अंशदान, पेंशन और निकासी से जुड़े मौजूदा नियमों की आधिकारिक जानकारी जरूर देख लें। किसी भी व्यक्ति को आवेदन या पेंशन के नाम पर अनावश्यक शुल्क देने से भी बचना चाहिए।

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