रांची: केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने चुनाव प्रक्रिया और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर INDIA गठबंधन की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विपक्षी दलों के रुख को उनकी राजनीतिक निराशा से जोड़ते हुए कहा कि चुनावी हार का ठीकरा बार-बार EVM या चुनाव प्रक्रिया पर नहीं फोड़ा जाना चाहिए।
संजय सेठ ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है, जब INDIA गठबंधन ने हाल में चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर देशव्यापी कार्यक्रमों का ऐलान किया है। गठबंधन के नेताओं ने EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी उठाई है।
चुनावी सवालों पर विपक्ष को संजय सेठ का जवाब
संजय सेठ ने कहा कि विपक्ष को चुनाव परिणामों पर सवाल उठाने के बजाय अपनी राजनीतिक रणनीति और जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उनके मुताबिक, जनता चुनावी प्रक्रिया को देखती और समझती है, इसलिए हर चुनावी नतीजे के बाद EVM या निर्वाचन प्रक्रिया को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
हालांकि, चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर INDIA गठबंधन की ओर से उठाई गई आपत्तियां अलग मुद्दों पर आधारित हैं। विपक्षी दलों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मतदाता सूची में बदलाव और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं।
‘विकसित भारत’ के एजेंडे से जुड़ने की अपील
केंद्रीय मंत्री ने विपक्षी दलों से देश के विकास से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को विरोध के साथ-साथ जनहित और विकास के मुद्दों को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।
संजय सेठ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए विपक्ष से देश के विकास से जुड़े प्रयासों में सहयोग करने का आह्वान किया।
चुनाव प्रक्रिया पर जारी है राजनीतिक बहस
EVM और चुनाव प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस फिलहाल जारी है। INDIA गठबंधन ने 2 से 8 अक्टूबर के बीच देशभर में कार्यक्रमों और ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च की योजना बनाई है। गठबंधन की ओर से चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों के अलावा EVM के स्थान पर बैलेट पेपर से मतदान की मांग भी सामने रखी गई है।
वहीं, निर्वाचन आयोग की ओर से EVM के इस्तेमाल और उसकी प्रक्रिया को लेकर निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किए जाने की जानकारी दी गई है। 2026 के विधानसभा चुनावों में EVM-VVPAT की रैंडमाइजेशन प्रक्रिया उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में किए जाने की जानकारी निर्वाचन आयोग ने दी थी।
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