जामताड़ा, 30 सितंबर 2026: जिले में अवैध खनन, परिवहन और खनिज भंडारण पर रोक लगाने को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। बुधवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक में डीसी आलोक कुमार ने अधिकारियों को नियमित निगरानी और कार्रवाई के निर्देश दिए।
माइन क्लोजर रिपोर्ट में देरी पर जताई नाराजगी
बैठक के दौरान नाला प्रखंड के कास्ता क्षेत्र में बंद खनन पट्टों से संबंधित माइन क्लोजर रिपोर्ट उपलब्ध कराने में ईसीएल के पांडेश्वर एरिया प्रबंधन की देरी का मुद्दा उठा। डीसी ने लगातार निर्देश दिए जाने के बावजूद रिपोर्ट में देरी पर नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि बंद खदानों से जुड़े मामलों में निर्धारित प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है। अवैध खनन से सरकारी राजस्व को नुकसान होने के साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। किसी अप्रिय घटना की स्थिति में संबंधित ECL और CISF अधिकारियों की जिम्मेदारी तय किए जाने की बात भी बैठक में कही गई।
कोयला ढुलाई वाहनों की GPS से होगी निगरानी
डीसी ने ईसीएल की चितरा कोलियरी से जामताड़ा साइडिंग तक कोयला ले जाने वाले वाहनों की GPS टैगिंग कर नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि पिछले महीने चार वाहन संदिग्ध परिस्थितियों में रास्ते में खड़े मिले थे, जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
इसके अलावा अनफिट डंपरों और बिना तिरपाल के खनिज परिवहन करने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
15 अक्टूबर तक नदियों से बालू उठाव पर रोक
बैठक में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के दिशा-निर्देशों का भी उल्लेख किया गया। डीसी ने बताया कि कैटेगरी-1 और कैटेगरी-2 की नदियों से 15 अक्टूबर तक बालू उठाव पर रोक रहेगी। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित छापेमारी करने तथा नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
55 मामलों में 60 वाहन जब्त
टास्क फोर्स की बैठक में बताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में लघु खनिज से जुड़े अवैध कारोबार के 55 मामलों में 60 वाहनों को जब्त किया गया है। इन मामलों में अब तक 30.45 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूले जाने की जानकारी दी गई।
प्रशासन ने अवैध खनन और खनिज परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने और क्षेत्र में लगातार निगरानी करने पर जोर दिया।
