Tuesday, September 29, 2026

Mobile Price Hike: मोबाइल फोन खरीदना हुआ महंगा, 2026 में कीमतें 16% तक बढ़ीं; बजट फोन पर सबसे ज्यादा असर.

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नई दिल्ली, 29 सितंबर 2026: भारत में स्मार्टफोन खरीदने वाले ग्राहकों के लिए कीमतों में बढ़ोतरी चिंता का कारण बन रही है। मार्केट रिसर्च फर्म काउंटरपॉइंट रिसर्च के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में देश में स्मार्टफोन की औसत कीमतों में करीब 16% की वृद्धि हुई है। इसकी प्रमुख वजह मेमोरी कंपोनेंट की बढ़ती लागत और रुपये की कमजोरी बताई गई है।

बजट स्मार्टफोन की कीमतों पर सबसे ज्यादा असर

रिपोर्ट के अनुसार, 10,000 रुपये से कम कीमत वाले स्मार्टफोन सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। इस श्रेणी में फोन की कीमतों में औसतन करीब 32% की बढ़ोतरी हुई।

मेमोरी की लागत बढ़ने से कम कीमत वाले फोन के निर्माण खर्च में इसका हिस्सा पहले की तुलना में ज्यादा हो गया है। इसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ा है।

सस्ते फोन की शिपमेंट में बड़ी गिरावट

कीमत बढ़ने के साथ बजट स्मार्टफोन की मांग में भी कमी दर्ज की गई है।

  • ₹10,000 से कम वाले फोन की शिपमेंट में 65% सालाना गिरावट
  • ₹10,000-₹15,000 वाले सेगमेंट में करीब 20% गिरावट
  • ₹20,000 से ऊपर के स्मार्टफोन की बिक्री में लगातार वृद्धि

महंगे स्मार्टफोन की बिक्री को नए लॉन्च, ट्रेड-इन ऑफर और नो-कॉस्ट EMI जैसी सुविधाओं से भी समर्थन मिला।

स्मार्टफोन की औसत कीमत रिकॉर्ड स्तर पर

काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही में भारत में स्मार्टफोन की औसत बिक्री कीमत बढ़कर करीब 318 अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।

रिसर्च फर्म का कहना है कि AI डेटा सेंटरों में DRAM और NAND की मांग बढ़ने से मेमोरी सप्लाई पर दबाव पड़ा है। इसके साथ रुपये की कमजोरी ने आयातित कंपोनेंट की लागत को और बढ़ाया।

भारत में करीब 99% मोबाइल फोन स्थानीय स्तर पर बनते हैं

भारत में बिकने वाले लगभग 99% मोबाइल फोन का निर्माण देश में ही होता है। हालांकि, मोबाइल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई कंपोनेंट और पुर्जे आयात किए जाते हैं। रुपये के कमजोर होने से इन आयातित हिस्सों की लागत बढ़ गई है।

कंपनियों के सामने बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पहुंचाने और अपने मार्जिन को बनाए रखने के बीच संतुलन की चुनौती बनी हुई है।

OnePlus ने बढ़ाई कीमतें, लेकिन उद्योग के औसत से कम

काउंटरपॉइंट रिसर्च के मुताबिक, स्मार्टफोन बाजार में OnePlus की कीमतों में औसत बढ़ोतरी करीब 8% रही, जो पूरे बाजार की 16% औसत वृद्धि से कम है।

रिसर्च फर्म के अनुसार, OnePlus की सबसे बड़ी कीमत बढ़ोतरी करीब 12% रही। कंपनी की शिपमेंट में भी 2026 की दूसरी तिमाही में साल-दर-साल करीब 5% वृद्धि का अनुमान लगाया गया है, जबकि पूरे बाजार में दोहरे अंकों की गिरावट की उम्मीद जताई गई है।

समय पर कंपोनेंट खरीदने से मिला फायदा

रिपोर्ट के मुताबिक, OnePlus ने साल की शुरुआत में ही जरूरी कंपोनेंट का स्टॉक कर लिया था। इस वजह से कंपनी को मेमोरी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के दौरान पुराने और अपेक्षाकृत कम दाम पर खरीदे गए कंपोनेंट का फायदा मिला।

काउंटरपॉइंट रिसर्च के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक के अनुसार, लागत बढ़ने की स्थिति में कंपनियों के सामने आमतौर पर कीमत बढ़ाने या मार्जिन कम करने जैसी चुनौतियां होती हैं। उनके मुताबिक, OnePlus ने समय रहते कंपोनेंट सुरक्षित करने और अपने पोर्टफोलियो में लागत का दबाव बांटने से इस दबाव को कुछ हद तक संभाला।

2028 से पहले सस्ती मेमोरी की उम्मीद कम

काउंटरपॉइंट रिसर्च का अनुमान है कि 2028 से पहले मेमोरी की कीमतों में बड़ी राहत मिलने की संभावना कम है। साथ ही रुपये की कमजोरी से आयात लागत पर दबाव बना रहने की आशंका है।

इसका मतलब है कि आने वाले समय में स्मार्टफोन बाजार में कीमतों को लेकर दबाव जारी रह सकता है, खासकर बजट और एंट्री-लेवल फोन खरीदने वाले ग्राहकों के लिए।

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