लाइफस्टाइल डेस्क: चाय और दूध-चीनी वाली कॉफी के अलावा ब्लैक कॉफी भी आजकल लोगों की पसंद बन रही है। बिना दूध और चीनी के तैयार होने वाली ब्लैक कॉफी का स्वाद भले ही अलग हो, लेकिन इसमें मौजूद कैफीन और अन्य प्राकृतिक यौगिकों के कारण इसके कुछ संभावित स्वास्थ्य लाभ बताए जाते हैं। हालांकि, इसे किसी स्वास्थ्य समस्या या वजन घटाने का सीधा समाधान नहीं माना जाना चाहिए।
मेटाबॉलिज्म पर पड़ सकता है असर
ब्लैक कॉफी में मौजूद कैफीन कुछ समय के लिए शरीर की मेटाबॉलिक गतिविधि को बढ़ा सकता है। इससे ऊर्जा खर्च होने की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। कुछ अध्ययनों में कैफीन लेने के बाद मेटाबॉलिक रेट में अस्थायी बढ़ोतरी देखी गई है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सिर्फ ब्लैक कॉफी पीने से वजन कम हो जाएगा। स्वस्थ वजन बनाए रखने के लिए संतुलित खान-पान और नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है।
वजन प्रबंधन में कैसे हो सकती है मददगार?
बिना दूध और चीनी की ब्लैक कॉफी में अतिरिक्त कैलोरी काफी कम होती है। कैफीन कुछ लोगों में थोड़े समय के लिए भूख कम महसूस होने और ऊर्जा खर्च को प्रभावित करने में भूमिका निभा सकता है।
फिर भी ब्लैक कॉफी को वजन घटाने वाली ‘मैजिक ड्रिंक’ समझना सही नहीं होगा। वजन से जुड़ी किसी भी योजना में व्यक्ति की पूरी डाइट, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है।
दिमाग को रख सकती है अधिक अलर्ट
कैफीन का असर दिमाग की सतर्कता पर भी पड़ता है। कॉफी पीने के बाद कई लोगों को कुछ समय तक नींद और सुस्ती कम महसूस होती है और वे अधिक अलर्ट रह सकते हैं।
इसी वजह से कुछ लोग सुबह या काम के दौरान कॉफी का सेवन करते हैं। हालांकि, कैफीन का असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता और देर से कॉफी पीने पर कुछ लोगों की नींद प्रभावित हो सकती है।
एंटीऑक्सीडेंट कंपाउंड भी होते हैं मौजूद
कॉफी में कई प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं, जिनमें एंटीऑक्सीडेंट गुण हो सकते हैं। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से जुड़ी प्रक्रियाओं के खिलाफ सुरक्षा में भूमिका निभा सकते हैं।
कुछ शोधों में नियमित और सीमित कॉफी सेवन को टाइप-2 डायबिटीज तथा लिवर से जुड़ी कुछ स्थितियों के कम जोखिम के साथ जोड़ा गया है। हालांकि, ऐसे संबंधों को व्यक्ति की पूरी जीवनशैली और खान-पान के संदर्भ में समझना चाहिए।
ज्यादा ब्लैक कॉफी पीना भी ठीक नहीं
ब्लैक कॉफी के संभावित फायदों के बावजूद इसका अत्यधिक सेवन परेशानी पैदा कर सकता है। ज्यादा कैफीन लेने पर कुछ लोगों को बेचैनी, नींद में परेशानी, दिल की धड़कन तेज महसूस होना या पेट से जुड़ी दिक्कत हो सकती है।
इसलिए कॉफी का सेवन अपनी उम्र, स्वास्थ्य और कैफीन के प्रति संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर करना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी समस्या है या वह नियमित रूप से दवाएं ले रहा है, तो कैफीन के सेवन को लेकर डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
ध्यान रखें
ब्लैक कॉफी के कुछ संभावित लाभ हो सकते हैं, लेकिन यह संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित शारीरिक गतिविधि का विकल्प नहीं है। खासकर किशोरों के लिए कैफीन का सेवन सीमित रखना और नियमित रूप से लेने से पहले अभिभावक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।
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