Tuesday, September 29, 2026

Asian Games 2026: जमशेदपुर के जोगा पूर्ति और दीपु मल्लेश भारत की स्पोर्ट क्लाइंबिंग टीम में.

Share

जमशेदपुर: शहर के खेल प्रेमियों के लिए गर्व का मौका है। टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन (TSAF) क्लाइंबिंग अकादमी से जुड़े जोगा पूर्ति और दीपु मल्लेश एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। जापान के आइची-नागोया में आयोजित महाद्वीपीय खेल प्रतियोगिता में दोनों खिलाड़ी स्पोर्ट क्लाइंबिंग में भारतीय चुनौती पेश कर रहे हैं।

19 सितंबर से शुरू हुआ एशियन गेम्स 4 अक्टूबर तक चलेगा। भारतीय टीम में जमशेदपुर के दो खिलाड़ियों का चयन शहर में क्लाइंबिंग खेल के बढ़ते प्रभाव और TSAF की प्रशिक्षण व्यवस्था की उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।

दोस्तों के साथ क्लाइंबिंग वॉल देखने पहुंचीं थीं जोगा

19 वर्षीय जोगा पूर्ति ने कम उम्र में ही स्पीड क्लाइंबिंग में अपनी पहचान बना ली है। जमशेदपुर की रहने वाली जोगा का इस खेल से जुड़ाव वर्ष 2019 में हुआ। वह अपने दोस्तों और भाइयों के साथ जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पहुंची थीं, जहां क्लाइंबिंग वॉल ने उनका ध्यान आकर्षित किया।

इसके बाद शौक धीरे-धीरे खेल में बदल गया। वर्ष 2021 में TSAF क्लाइंबिंग अकादमी से जुड़ने के बाद जोगा ने नियमित प्रशिक्षण लिया और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। उनके नाम स्पीड क्लाइंबिंग में राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी दर्ज है। उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 7.37 सेकेंड है।

राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचीं जोगा

जोगा ने राष्ट्रीय क्लाइंबिंग चैंपियनशिप में स्पीड के साथ-साथ लीड और बोल्डर जैसी स्पर्धाओं में भी पदक हासिल किए हैं। वह वर्ल्ड क्लाइंबिंग यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप, वर्ल्ड क्लाइंबिंग यूथ एशियन चैंपियनशिप और वर्ल्ड क्लाइंबिंग एशिया चैंपियनशिप जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनके प्रदर्शन के आधार पर उन्हें एशियन गेम्स 2026 की भारतीय क्लाइंबिंग टीम में जगह मिली।

बेंगलुरु से शुरू हुआ दीपु मल्लेश का क्लाइंबिंग सफर

28 वर्षीय दीपु मल्लेश का क्लाइंबिंग करियर भी लगातार मेहनत और प्रतियोगिताओं के अनुभव से आगे बढ़ा है। स्कूली समय में कई खेलों में रुचि रखने वाले दीपु ने किशोरावस्था के दौरान बेंगलुरु में क्लाइंबिंग शुरू की थी। शुरुआत में यह उनके लिए मनोरंजन का जरिया था, लेकिन बाद में उन्होंने इसे प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में अपना लिया।

आज दीपु भारत के प्रमुख स्पीड क्लाइंबर्स में गिने जाते हैं। 5.39 सेकेंड के समय के साथ उनके नाम भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड है। वह स्पीड क्लाइंबिंग में भारत में नंबर-1 रैंकिंग पर रहे हैं और वर्ष 2025 में राष्ट्रीय चैंपियन भी बने।

वर्ल्ड कप समेत कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का अनुभव

दीपु मल्लेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का लंबा अनुभव है। वह कोरिया, इंडोनेशिया, फ्रांस और शैमोनिक्स में आयोजित वर्ल्ड क्लाइंबिंग वर्ल्ड कप सहित कई प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

राष्ट्रीय रिकॉर्ड और अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ अब दीपु एशियन गेम्स के मंच पर भारत के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

TSAF अकादमी में तैयार हो रहे क्लाइंबर्स

TSAF क्लाइंबिंग अकादमी की स्थापना 2020 में हुई थी, जबकि इसके रेजिडेंशियल प्रोग्राम की शुरुआत 2021 में हुई। अकादमी में खिलाड़ियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षण और पेशेवर कोचिंग के साथ रेजिडेंशियल सपोर्ट, पोषण तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं।

जोगा और दीपु की उपलब्धियां अकादमी में अलग-अलग स्तर के खिलाड़ियों को मिलने वाले प्रशिक्षण और प्रतियोगी अनुभव को भी सामने लाती हैं।

जमशेदपुर की क्लाइंबिंग प्रतिभाओं को मिल रहा मंच

जोगा पूर्ति और दीपु मल्लेश का एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल का हिस्सा बनना जमशेदपुर के स्पोर्ट क्लाइंबिंग समुदाय के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। एक ओर जोगा युवा खिलाड़ी के तौर पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान मजबूत कर रही हैं, वहीं दीपु अपने अनुभव के साथ भारत की चुनौती पेश कर रहे हैं।

दोनों खिलाड़ियों की एशियन गेम्स में भागीदारी से जमशेदपुर में क्लाइंबिंग को लेकर युवाओं की रुचि और इस खेल के लिए उपलब्ध प्रशिक्षण अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

BharatSuperFastNews | जमशेदपुर डेस्क

Read more

Local News