मुंबई: भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार, 21 सितंबर 2026 को कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को राहत मिली और शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 400 अंकों से ज्यादा चढ़ गया। हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में इस दौरान हल्का दबाव देखने को मिला।
सेंसेक्स 74,700 के पार, निफ्टी भी बढ़त में
सुबह करीब 9:20 बजे सेंसेक्स 411 अंक यानी 0.55 फीसदी की बढ़त के साथ 74,706 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी 50 भी 33 अंक यानी 0.14 फीसदी चढ़कर 23,379 पर पहुंच गया।
दूसरी ओर, निफ्टी मिडकैप 100 में 0.19 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.04 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इससे संकेत मिला कि शुरुआती तेजी मुख्य रूप से बड़े शेयरों तक सीमित रही।
रियल्टी और ऑटो शेयरों में खरीदारी
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी रियलिटी इंडेक्स करीब 1.04 फीसदी की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। निफ्टी ऑटो में भी 0.65 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।
इसके विपरीत आईटी और पीएसयू बैंकिंग शेयरों पर हल्का दबाव रहा। इन क्षेत्रों में मुनाफावसूली के कारण गिरावट देखी गई, जिससे बाजार की कुल बढ़त कुछ सीमित रही।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार को राहत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी को भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। मध्य पूर्व में जारी तनाव और रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच तेल आपूर्ति को लेकर बनी चिंताओं में कुछ कमी आने से ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया।
भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड की कीमतों में गिरावट से आयात लागत, महंगाई और व्यापार घाटे पर दबाव कम होने की संभावना रहती है।
ग्लोबल संकेतों पर भी निवेशकों की नजर
भारतीय शेयर बाजार के लिए वैश्विक संकेत भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का करीब 5 फीसदी के आसपास रहना इक्विटी बाजारों के लिए चुनौती बना हुआ है।
इसके बावजूद विकसित अर्थव्यवस्थाओं में आर्थिक गतिविधियों और कंपनियों की कमाई को लेकर बनी उम्मीदों से बाजार को समर्थन मिल रहा है। निवेशक अब आगे के वैश्विक आर्थिक संकेतों, कच्चे तेल की चाल और कॉरपोरेट प्रदर्शन पर नजर रख रहे हैं।
