धनबाद: आईआईटी-आईएसएम के पेनमैन हॉल में रविवार को एकल अभियान के आचार्य एवं व्यास सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। वनबंधु परिषद, धनबाद चैप्टर की महिला समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान शिक्षा, धर्म और समाजसेवा के क्षेत्र में योगदान देने वाले आचार्यों और व्यासों को सम्मानित किया गया।
शिक्षा के साथ संस्कार जरूरी : राज्यपाल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं है, बल्कि उसमें संस्कार और जीवन मूल्यों का समावेश भी जरूरी है। उन्होंने ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के लिए एकल अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की।
राज्यपाल के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने के साथ परिवारों में जागरूकता और समाज में सकारात्मक चेतना विकसित करने का काम भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने इसे समाजहित से जुड़ी अनुकरणीय पहल बताया।
धनबाद से देशभर तक पहुंची सेवा यात्रा
राज्यपाल ने कहा कि धनबाद से शुरू हुई एकल अभियान की सेवा यात्रा अब देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह अभियान शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और सामाजिक जागरूकता को भी आगे बढ़ाता रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान एकल अभियान से जुड़े आचार्यों और व्यासों के योगदान को मंच से सम्मानित किया गया। आयोजकों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के विस्तार में इन कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
समारोह में वनबंधु परिषद के पदाधिकारी, महिला समिति की सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता और अभियान से जुड़े अन्य लोग मौजूद रहे।
