Sunday, September 20, 2026

रिम्स में रखे 43 लावारिस शवों का जुमार नदी तट पर सामूहिक अंतिम संस्कार.

Share

रांची: रिम्स में लंबे समय से रखे 43 लावारिस शवों का रविवार को जुमार नदी के तट पर अंतिम संस्कार किया गया। शवों की पहचान नहीं हो पाने और परिजनों का पता नहीं चलने के बाद मुक्ति संस्था ने सभी का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया।

संस्था की ओर से अंतिम संस्कार से पहले जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। इसके बाद धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार सभी शवों का सामूहिक अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान संस्था के पदाधिकारी और अन्य सदस्य मौजूद रहे।

मुक्ति संस्था ने निभाई अंतिम विदाई की जिम्मेदारी

मुक्ति संस्था लंबे समय से ऐसे लोगों के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी निभा रही है, जिनकी पहचान नहीं हो पाती या जिनके परिजन सामने नहीं आते। रिम्स में लावारिस शवों के निर्धारित अवधि तक रखे जाने के बाद संस्था संबंधित प्रक्रिया पूरी कर उन्हें अंतिम संस्कार के लिए ले जाती है।

संस्था के अध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने इस दौरान कहा कि मृत्यु के बाद प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानजनक अंतिम विदाई मिलनी चाहिए। कई मामलों में व्यक्ति के अंतिम समय में परिवार या परिचित मौजूद नहीं होते। ऐसे लोगों का अंतिम संस्कार भी सम्मान के साथ हो, संस्था इसी उद्देश्य से काम करती है।

धार्मिक रीति-रिवाज से किया गया अंतिम संस्कार

प्रवीण लोहिया ने बताया कि रिम्स में लावारिस शवों के संबंध में जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जाता है। इसके बाद उपलब्ध जानकारी और निर्धारित परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार कराया जाता है।

उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करना नहीं, बल्कि उन लोगों को सम्मान देना भी है, जो जीवन के अंतिम दौर में अकेले रह गए।

आगे भी जारी रहेगी सेवा

मुक्ति संस्था की ओर से कहा गया कि लावारिस शवों के अंतिम संस्कार की यह सेवा आगे भी जारी रखी जाएगी। संस्था का प्रयास है कि जिन लोगों के अंतिम समय में उनके परिवार या परिचित साथ नहीं होते, उन्हें भी गरिमापूर्ण अंतिम विदाई मिल सके।

Read more

Local News