Monday, September 14, 2026

JPSC-JSSC नियुक्तियों पर झारखंड हाई कोर्ट में आज सुनवाई, नौकरी रद्द करने के आदेश पर पहले ही लग चुकी है रोक.

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रांची: झारखंड में JPSC और JSSC की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के जरिए हुई नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर झारखंड हाई कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई होगी। मामले में JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी (FSO), बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) और JSSC-CGL के जरिए हुई नियुक्तियां शामिल हैं।

इन नियुक्तियों को रद्द करने के सरकार के आदेश के खिलाफ कई याचिकाएं हाई कोर्ट में दाखिल की गई हैं। पिछली सुनवाई में अदालत ने नियुक्त कर्मचारियों को तत्काल हटाने के सरकारी आदेश पर रोक लगा दी थी।

नियुक्त अधिकारियों को हटाने पर लगी रोक

मामले की पिछली सुनवाई जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में हुई थी। कोर्ट ने राज्य सरकार के 18 अगस्त को जारी उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसके तहत संबंधित परीक्षाओं को रद्द करते हुए इनके माध्यम से हुई नियुक्तियों को भी समाप्त कर दिया गया था।

अदालत के अंतरिम आदेश के बाद इन परीक्षाओं के जरिए नियुक्त अधिकारी फिलहाल अपने पदों पर बने हुए हैं।

प्राकृतिक न्याय के पालन पर कोर्ट ने उठाया सवाल

पिछली सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना था कि नियुक्तियां रद्द करने की प्रक्रिया में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं किया गया। कोर्ट ने इसी आधार पर नवनियुक्त अधिकारियों को अगले आदेश तक सेवा से हटाने पर रोक लगाई थी।

अदालत ने राज्य सरकार से यह भी बताने को कहा था कि सरकार ने नियुक्तियां समाप्त करने जैसा बड़ा फैसला किस आधार पर लिया।

CID जांच रिपोर्ट भी हुई तलब

हाई कोर्ट ने इस मामले में CID की अब तक की जांच रिपोर्ट भी मांगी है। अदालत यह जानना चाहती है कि जांच के दौरान ऐसे कौन-कौन से तथ्य सामने आए, जिनके आधार पर राज्य सरकार ने इन परीक्षाओं और उनसे हुई नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला किया।

मंगलवार की सुनवाई में जांच रिपोर्ट और राज्य सरकार के जवाब पर भी चर्चा होने की संभावना है।

वेतन नहीं मिलने का मुद्दा भी कोर्ट में

नियुक्ति रद्द करने के आदेश पर रोक के बावजूद संबंधित अधिकारियों को वेतन नहीं मिलने का मामला भी सामने आया है। मंगलवार की सुनवाई में इस मुद्दे पर भी अदालत का ध्यान जा सकता है।

नियुक्त अभ्यर्थियों की ओर से दलील दी गई है कि जब कोर्ट के आदेश के बाद वे अपने पदों पर बने हुए हैं, तो वेतन से जुड़े मामले का भी समाधान होना चाहिए।

चार परीक्षाओं की नियुक्तियां बनीं विवाद का केंद्र

सरकार ने उन प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है, जिनमें कथित तौर पर टीडीपीएल की भूमिका का उल्लेख जांच के संदर्भ में किया गया है। इनमें JPSC की 11वीं-13वीं सिविल सेवा परीक्षा, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी परीक्षा, CDPO परीक्षा और JSSC-CGL शामिल हैं।

चूंकि इन परीक्षाओं के परिणाम के आधार पर नियुक्तियां पहले ही हो चुकी थीं, इसलिए सरकार के फैसले का सीधा असर नौकरी कर रहे अभ्यर्थियों पर पड़ा। इसी वजह से प्रभावित अधिकारियों ने हाई कोर्ट का रुख किया है।

मंगलवार की सुनवाई पर टिकी नजर

अब मंगलवार को होने वाली सुनवाई में अदालत यह देखेगी कि नियुक्तियां रद्द करने के सरकारी फैसले के पीछे जांच में सामने आए तथ्य कितने ठोस हैं और संबंधित अभ्यर्थियों को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया गया था या नहीं।

फिलहाल कोर्ट की रोक के कारण संबंधित अधिकारी अपने पदों पर बने हुए हैं। आगे की स्थिति हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई और सरकार की ओर से पेश की जाने वाली जांच रिपोर्ट व जवाब पर निर्भर करेगी।

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