नई दिल्ली: Apple ने सितंबर 2026 में अपना पहला फोल्डेबल स्मार्टफोन iPhone Duo पेश किया है। डिवाइस के फीचर्स और डिजाइन के साथ इसकी कीमत भी चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है। खासतौर पर भारत में इसकी कीमत अमेरिकी बाजार के मुकाबले काफी अधिक है।
भारत में iPhone Duo की शुरुआती कीमत ₹2,99,900 रखी गई है, जबकि अमेरिका में 256GB मॉडल की शुरुआती कीमत $1,999 है। मौजूदा विनिमय दर के हिसाब से अमेरिकी कीमत लगभग ₹1.90 लाख के आसपास बैठती है। ऐसे में भारतीय और अमेरिकी कीमतों के बीच बड़ा अंतर नजर आता है।
लेकिन इस अंतर की पूरी वजह सिर्फ Apple की कीमत तय करने की रणनीति या भारतीय टैक्स नहीं है। आयात शुल्क, GST, स्थानीय उत्पादन की स्थिति और Apple की प्रीमियम ब्रांड रणनीति समेत कई कारक इसमें भूमिका निभाते हैं।
भारत में iPhone Duo के कितने हैं दाम?
Apple ने अलग-अलग स्टोरेज क्षमता के साथ iPhone Duo को बाजार में उतारा है।
| स्टोरेज | भारत में कीमत | अमेरिका में कीमत |
|---|---|---|
| 256GB | ₹2,99,900 | $1,999 |
| 512GB | ₹3,24,900 | $2,199 |
| 1TB | ₹3,74,900 | $2,599 |
| 2TB | ₹4,49,900 | $3,199 |
भारत में बताई गई कीमत में 18 प्रतिशत GST शामिल है। वहीं अमेरिका में Apple की घोषित कीमत में आमतौर पर राज्य के अनुसार लगने वाला सेल्स टैक्स शामिल नहीं होता। इसलिए दोनों देशों की कीमतों की तुलना करते समय टैक्स व्यवस्था को ध्यान में रखना जरूरी है।
इंपोर्ट ड्यूटी का भी पड़ता है असर
iPhone Duo फिलहाल भारत में स्थानीय स्तर पर असेंबल नहीं किया जा रहा है। इसलिए यह फोन Completely Built Unit (CBU) के तौर पर भारत में आयात किया जाता है।
आयातित इलेक्ट्रॉनिक्स पर लागू शुल्क भारतीय बाजार में अंतिम कीमत बढ़ाने वाला एक महत्वपूर्ण कारक होता है। इसके अलावा GST की गणना में आयात शुल्क का असर पड़ने से अंतिम टैक्स बोझ भी बढ़ सकता है।
मार्केट रिसर्च से जुड़े अनुमानों के अनुसार, यदि भारतीय कीमत से GST और अनुमानित आयात शुल्क को अलग कर दिया जाए तो दोनों बाजारों के बीच वास्तविक बेस प्राइस का अंतर काफी कम हो जाता है।
इसका अर्थ यह है कि भारत और अमेरिका में दिखाई देने वाला पूरा मूल्य अंतर सीधे तौर पर Apple की अतिरिक्त कमाई नहीं माना जा सकता। भारतीय बाजार में टैक्स और आयात संबंधी लागत का भी बड़ा योगदान है।
भारत में अभी नहीं हो रही फोल्डेबल iPhone की मैन्युफैक्चरिंग
Apple ने पिछले कुछ वर्षों में भारत में iPhone उत्पादन और असेंबली का विस्तार किया है। लेकिन फोल्डेबल iPhone के लिए जरूरी तकनीक और सप्लाई चेन सामान्य iPhone मॉडल की तुलना में अधिक जटिल है।
फोल्डेबल डिवाइस में विशेष OLED पैनल, मजबूत और सटीक हिंज सिस्टम, कॉम्पैक्ट कैमरा मॉड्यूल तथा हाई-एंड चिप और दूसरे कंपोनेंट्स की जरूरत होती है।
इन हिस्सों के निर्माण और असेंबली में उच्च स्तर की सटीकता जरूरी होती है। इसलिए नए फोल्डेबल मॉडल का उत्पादन भारत में शुरू करने के लिए Apple और उसके मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर्स को अतिरिक्त समय और निवेश की जरूरत पड़ सकती है।
लोकल प्रोडक्शन शुरू हुआ तो कीमत घट सकती है?
अगर भविष्य में iPhone Duo या इसके अगले संस्करणों की असेंबली भारत में शुरू होती है, तो आयात से जुड़े कुछ खर्च कम किए जा सकते हैं। इसका संभावित फायदा भारतीय ग्राहकों को कम कीमत के रूप में मिल सकता है।
हालांकि, स्थानीय उत्पादन शुरू होने का मतलब यह नहीं है कि फोन की कीमत तुरंत अमेरिकी बाजार के बराबर हो जाएगी। इसमें कंपोनेंट लागत, उत्पादन खर्च, लॉजिस्टिक्स, Apple की प्राइसिंग रणनीति और स्थानीय टैक्स जैसे कई दूसरे पहलू भी शामिल होंगे।
Apple भारत में किस ग्राहक वर्ग को ध्यान में रखता है?
iPhone Duo जैसी बेहद महंगी डिवाइस भारत के बड़े पैमाने के स्मार्टफोन बाजार के लिए नहीं, बल्कि प्रीमियम ग्राहक वर्ग के लिए है।
भारत में आय का औसत स्तर अमेरिका या पश्चिमी यूरोपीय देशों से कम होने के बावजूद देश में एक बड़ा ऐसा उपभोक्ता वर्ग मौजूद है जिसकी प्रीमियम इलेक्ट्रॉनिक्स पर खर्च करने की क्षमता काफी अधिक है।
इसी ग्राहक वर्ग के लिए Apple अपने सबसे महंगे डिवाइस पेश करता है। भारत की बड़ी आबादी के कारण छोटा-सा प्रीमियम ग्राहक वर्ग भी Apple के लिए एक बड़ा संभावित बाजार बन जाता है।
EMI और फाइनेंसिंग से महंगे फोन खरीदना आसान
महंगे स्मार्टफोन की खरीद में EMI और अन्य फाइनेंसिंग विकल्प भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे ग्राहक को एकमुश्त बड़ी रकम देने के बजाय कीमत को कई महीनों की किस्तों में बांटने का विकल्प मिलता है।
प्रीमियम स्मार्टफोन खरीदने वाले कुछ ग्राहक केवल स्पेसिफिकेशन ही नहीं, बल्कि ब्रांड, डिजाइन और नए टेक्नोलॉजी अनुभव को भी महत्व देते हैं। ऐसे ग्राहकों के लिए कीमत हमेशा खरीद का एकमात्र निर्णायक कारक नहीं होती।
iPhone Duo में क्या खास है?
iPhone Duo एक फोल्डेबल डिजाइन के साथ आता है। फोन में अंदर की तरफ 7.6 इंच का Super Retina XDR फोल्डेबल डिस्प्ले दिया गया है, जबकि बाहरी हिस्से में 5.4 इंच का Super Retina XDR कवर डिस्प्ले मिलता है।
डिवाइस में कंपनी का A20 Pro चिपसेट दिया गया है, जिसे 2nm प्रोसेस पर तैयार किया गया है। फोन को अलग-अलग स्टोरेज विकल्पों में पेश किया गया है और इसे आंशिक रूप से फोल्ड करके भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
भारत में कब से मिलेगा iPhone Duo?
भारत में iPhone Duo की बिक्री शुरू होने से पहले इसकी प्री-बुकिंग 16 अक्टूबर से शुरू होने की जानकारी दी गई है। फोन की आधिकारिक बिक्री 23 अक्टूबर से शुरू होने की उम्मीद है।
क्या भारत में सस्ता होगा Apple का फोल्डेबल iPhone?
फिलहाल भारत में iPhone Duo की ऊंची कीमत के पीछे सबसे बड़े कारणों में आयात, टैक्स और स्थानीय उत्पादन का अभाव शामिल हैं। भविष्य में यदि Apple फोल्डेबल iPhone की असेंबली भारत में शुरू करता है और स्थानीय सप्लाई चेन विकसित होती है, तो कीमत के अंतर में कमी आने की संभावना बन सकती है।
हालांकि, Apple की प्रीमियम ब्रांड पोजिशनिंग को देखते हुए यह जरूरी नहीं कि भारत में निर्मित होने के बाद भी फोन अमेरिकी बाजार के बराबर कीमत पर उपलब्ध हो। फिलहाल भारतीय खरीदारों को इस पहली पीढ़ी के फोल्डेबल iPhone के लिए प्रीमियम कीमत चुकानी होगी।
