Friday, September 11, 2026

बिहार के 1.17 लाख किसानों को मिली 104 करोड़ से ज्यादा की सहायता, जानें योजना में कितना मिलता है पैसा.

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Bihar Farmer News: बिहार में फसल नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है। राज्य फसल सहायता योजना के तहत 1 लाख 17 हजार 708 किसानों के बैंक खातों में 104 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी गई है। यह भुगतान सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किया गया है।

कुल 104 करोड़ 46 लाख 46 हजार 405 रुपये की सहायता राशि किसानों के खातों में ट्रांसफर की गई। सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने शुक्रवार को विकास भवन स्थित कार्यालय से राशि जारी की। इस मौके पर नौ किसानों को प्रतीकात्मक रूप से चेक भी सौंपे गए। विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में भुगतान की प्रक्रिया पूरी की गई।

714 पंचायतों के किसानों को मिला योजना का लाभ

विभाग के अनुसार, खरीफ 2024 के दौरान किसानों से प्राप्त आवेदनों का सत्यापन कराया गया था। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य की 714 पंचायतों से जुड़े 1,17,708 किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराई गई।

बिहार राज्य फसल सहायता योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा या अन्य परिस्थितियों के कारण फसल की पैदावार प्रभावित होने पर किसानों को आर्थिक मदद देना है। इस योजना की एक खास बात यह है कि किसानों को इसका लाभ लेने के लिए किसी तरह का प्रीमियम जमा नहीं करना पड़ता।

खरीफ 2026 में फसल खराब होने पर भी कर सकते हैं आवेदन

सरकार ने खरीफ 2026 में बाढ़ या अन्य कारणों से फसल को नुकसान पहुंचने वाले किसानों के लिए भी योजना का लाभ लेने का रास्ता खुला रखा है। ऐसे किसानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करना होगा।

किसान 31 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। इसलिए जिन किसानों की खरीफ फसल को नुकसान हुआ है, उन्हें अंतिम तारीख का विशेष ध्यान रखना होगा।

फसल नुकसान के हिसाब से कितनी मिलेगी सहायता?

योजना में सहायता राशि फसल की वास्तविक उपज में हुई कमी के आधार पर निर्धारित की जाती है।

  • अगर वास्तविक उपज में 20 प्रतिशत तक की कमी होती है, तो 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता दी जाती है।
  • इस श्रेणी में अधिकतम 2 हेक्टेयर भूमि के लिए भुगतान किया जाता है।
  • यानी पात्र किसान को अधिकतम 15,000 रुपये तक की सहायता मिल सकती है।

वहीं, यदि वास्तविक उपज में 20 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान दर्ज होता है, तो सहायता की दर बढ़कर 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर हो जाती है।

इस स्थिति में भी अधिकतम 2 हेक्टेयर भूमि को ध्यान में रखते हुए किसान को 20,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।

किसानों के लिए जरूरी है समय पर आवेदन

खरीफ 2026 के दौरान बाढ़ या किसी अन्य वजह से फसल प्रभावित हुई है, तो संबंधित किसान को 31 अक्टूबर 2026 की अंतिम तारीख से पहले आवेदन करना होगा। योजना के तहत मिलने वाली राशि फसल की वास्तविक उपज में दर्ज नुकसान के आधार पर तय की जाएगी।

इसलिए पात्र किसानों के लिए जरूरी है कि वे आवेदन से पहले योजना से जुड़े नियमों और अपनी पात्रता की जानकारी जरूर जांच लें।

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