भागलपुर: गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए रेलवे ने कहलगांव-जमालपुर रेलखंड पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मालदा डिवीजन ने बाढ़ प्रभावित हिस्सों में ट्रेनों के परिचालन की गति सीमित करने का फैसला लिया है। अब संवेदनशील स्थानों पर ट्रेनें 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से चलाई जा रही हैं।
रेलवे की टीम लगातार ट्रैक, पुल और आसपास के इलाकों का निरीक्षण कर रही है। जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण जिन स्थानों पर जोखिम अधिक है, वहां अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
कहलगांव-सबौर और सुल्तानगंज-रतनपुर में विशेष सतर्कता
रेलवे के मुताबिक कहलगांव-भागलपुर रेलखंड के कहलगांव-सबौर हिस्से और भागलपुर-जमालपुर खंड के सुल्तानगंज-रतनपुर हिस्से में विशेष निगरानी की जा रही है।
कहलगांव-सबौर सेक्शन में किलोमीटर 276 से 296 तक तथा सुल्तानगंज-रतनपुर सेक्शन में किलोमीटर 335 से 350 तक ट्रैक और पुलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
कुछ संवेदनशील पुलों पर ट्रेनों की गति 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक सीमित की गई है, जबकि ब्रिज संख्या 145ए पर अधिकतम 20 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से ट्रेन चलाने का निर्देश दिया गया है।
30 किमी प्रति घंटे की कॉशन स्पीड वाले पुलों में 130, 135, 144ए, 181, 188, 195, 197 और 198 शामिल हैं।
पुलों पर चौबीसों घंटे निगरानी
बाढ़ के खतरे को देखते हुए रेलवे ने संवेदनशील पुलों पर वॉचमैन की तैनाती की है। ये कर्मचारी लगातार जलस्तर और पुल की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। इसके अलावा कहलगांव से जमालपुर के बीच प्रभावित रेलखंडों में पेट्रोलमैन पैदल गश्त कर पटरियों की जांच कर रहे हैं।
जलस्तर की स्थिति को नियमित रूप से रिकॉर्ड किया जा रहा है। किसी स्थान पर पानी बढ़ने, ट्रैक के प्रभावित होने या कटाव की आशंका सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था की गई है।
मुंगेर और भागलपुर में खतरे के निशान से ऊपर पानी
केंद्रीय जल आयोग के 8 सितंबर सुबह 6 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक मुंगेर में गंगा का जलस्तर 40.08 मीटर था। यहां खतरे का निशान 39.33 मीटर है, यानी पानी खतरे के स्तर से 0.75 मीटर ऊपर था।
इसी तरह भागलपुर में जलस्तर 34.60 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जबकि खतरे का स्तर 33.68 मीटर है। यहां नदी का पानी खतरे के निशान से 0.92 मीटर ऊपर दर्ज किया गया।
हालांकि गेज ट्रेंड के मुताबिक इलाहाबाद, वाराणसी, बक्सर, पटना और मुंगेर में जलस्तर में कमी का रुझान दिखाई दे रहा है। दूसरी ओर बरियारपुर, कल्याणपुर और भागलपुर में पानी का स्तर अभी भी बढ़ने की स्थिति में है।
अधिकारी कर रहे स्थिति की लगातार समीक्षा
बाढ़ के हालात को देखते हुए रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भागलपुर में कैंप कर रहे हैं। मुख्य पुल इंजीनियर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की टीम जमीनी स्थिति का जायजा ले रही है।
इसके साथ ही वरिष्ठ मंडल इंजीनियर, सहायक मंडल इंजीनियर, स्थायी पथ निरीक्षक और निर्माण निरीक्षक की टीम रोजाना अलग-अलग माध्यमों से ट्रैक का निरीक्षण कर रही है। इनमें ट्रॉली, फुटप्लेट और पैदल निरीक्षण शामिल हैं।
बरियारपुर में आपात स्थिति के लिए सामग्री तैयार
रेलवे ने किसी भी आपात परिस्थिति से निपटने के लिए बरियारपुर में मानसून रिजर्व तैयार रखा है। यहां जरूरी सामग्री, मशीनरी और अतिरिक्त मानव बल उपलब्ध कराया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल मौके पर भेजा जा सके।
दीर्घकालिक सुरक्षा व्यवस्था के तहत ब्रिज संख्या 195 की री-गर्डरिंग, पुल को ऊंचा करने और उसके एप्रोच को भी ऊंचा करने का प्रस्ताव रखा गया है।
फिलहाल रेलवे का मुख्य जोर संवेदनशील इलाकों में ट्रेनों की नियंत्रित गति, पुलों की लगातार निगरानी और बाढ़ की स्थिति में त्वरित कार्रवाई पर है। इससे यात्रियों की सुरक्षा के साथ रेल परिचालन को भी यथासंभव सुचारु बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।
